जानिए, मोदी सरकार के अंतरिम बजट पर क्या बोले पक्ष और विपक्ष के दिग्गज नेता

0

आगामी लोकसभा चुनाव से पहले कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार (1 फरवरी) को अपना आखिरी बजट पेश किया। सरकार ने आम चुनाव से पहले पेश अपने आखरी बजट प्रस्तावों में किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग को लुभाने के लिए कई बड़ी घोषणायें की हैं। किसानों, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, नौकरीपेशा लोगों के लिए अपना खजाना खोलते हुये अगले वित्त वर्ष के अंतरिम बजट में घोषणाओं की झड़ी लगा दी।

सरकार के इस बजट पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। सरकार के इस अंतरिम बजट को कांग्रेस ने ‘अकाउंट फॉर वोट (मत पाने के लिए अनुदान)’ करार देते हुए कहा कि घोषणाएं सिर्फ चुनाव को ध्यान में रखकर की गई हैं। तो वहीं, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि यह नये भारत के निर्माण को समर्पित मोदी सरकार के संकल्प एवं प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

जानिए सरकार के अंतरिम बजट पर किस ने क्या कहा

बजट

बजट ने प्रमाणित किया कि मोदी सरकार गरीब, किसान, युवाओं की आकांक्षाओं को समर्पित: अमित शाह

वित्त मंत्री पीयूष गोयल द्वारा लोकसभा में 2019..20 का अंतरिम बजट पेश किये जाने के बाद अमित शाह ने संवाददाताओं से कहा, आज के बजट ने यह पुनः प्रमाणित किया है कि मोदी सरकार देश के गरीब, किसान और युवाओं के सपने एवं आकांक्षाओं को समर्पित सरकार है। इस सर्वग्राही बजट के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं उनकी पूरी सरकार को बधाई देता हूँ। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसान कि आय दो गुना करने के प्रयास में मील का पत्थर साबित होगी, इसके लिए वह बीजेपी के करोड़ों कार्यकर्ताओं की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हृदय से अभिनंदन करते हैं।

बीजेपी अध्यक्ष ने दो हेक्टेयर से कम भूमि वाले गरीब किसानों के लिए ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना’ को ऐतिहासिक पहल बताया जिसके अंतर्गत देश के करीब 12 करोड़ किसानों को मोदी सरकार द्वारा 75000 करोड़ रुपए के बजट से प्रति वर्ष 6000 रुपए दिए जायेंगे।

अरुण जेटली ने गरीब हितैषी, किसान हितैषी बजट के लिये पीयूष गोयल की सराहना की

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने किसान हितैषी और गरीब हितैषी बजट पेश करने के लिये पीयूष गोयल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस बजट से मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति भी बढ़ेगी। बता दें कि जेटली अभी इलाज के लिये अमेरिका गये हुए हैं।

जेटली ने एक के बाद एक ट्वीट करते हुए कहा, यह बजट बिना किसी शक के वृद्धि के अनुकूल, राजकोषीय नियंत्रण को बढ़ावा देने वाला, किसान हितैषी, गरीब हितैषी और भारतीय मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति को बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा, वर्ष 2014 से 2019 के बीच सारे बजट मध्यम वर्ग को राहत देने वाला रहा है। जेटली ने कहा कि यह बजट खर्च को बढ़ावा देने के साथ ही राजकोषीय स्थिति को नियंत्रण में रखने वाला है।

उन्होंने कहा कि यह अंतरिम बजट सरकार के समक्ष पिछले पांच साल के कामकाज की समीक्षा करने और अपने प्रदर्शन को लोगों के सामने रखने का अवसर भी रहा।

यह ‘वोट ऑन अकाउंट’ नहीं बल्कि ‘अकाउंट फॉर वोट’ था: कांग्रेस

सरकार की ओर पेश अंतरिम बजट को कांग्रेस ने ‘अकाउंट फॉर वोट (मत पाने के लिए अनुदान)’ करार देते हुए कहा कि घोषणाएं सिर्फ चुनाव को ध्यान में रखकर की गई हैं। पार्टी ने छोटे और सीमांत किसानों के लिए घोषित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना पर कहा कि आखिर 500 रुपये प्रति माह से क्या होने वाला है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा, अंतरिम वित्त मंत्री आपका धन्यवाद कि आपने कांग्रेस की इस घोषणा की नकल की है कि देश के संसाधनों पर पहला अधिकार गरीबों का है। उन्होंने आरोप लगाया, यह ‘वोट ऑन अकाउंट’ (लेखानुदान) नहीं बल्कि ‘अकाउंट फॉर वोट’ था।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि यह बजट पूरी तरह से चुनाव को ध्यान में रखकर लाया गया है। वहीं, पार्टी नेता शशि थरूर ने कहा, आखिर मंत्री जी (पीयूष गोयल) किस दुनिया में रहते हैं। भला 500 रुपये प्रति माह से क्या होने वाला है?

यह बजट नहीं, भाजपा का चुनावी घोषणापत्र: मल्लिकार्जुन खड़गे

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार की ओर से पेश अंतरिम बजट को ‘भाजपा का चुनावी’ घोषणापत्र’ करार देते हुए आरोप लगाया कि चुनाव से पहले मतदाताओं को रिश्वत देने की कोशिश की गई है। लोकसभा में कांग्रेस के नेता खड़गे ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, इस बजट को मैं यही कहूंगा कि यह भाजपा का घोषणापत्र है। पांच साल में इन्होंने क्या किया, कितने वादे पूरे किए, इस बारे में कुछ नहीं बताया। हर व्यक्ति को 15 लाख रुपये देने के बारे में कुछ नहीं कहा। पांच साल में 10 करोड़ नौकरियां देने के वादे पर कुछ नहीं कहा।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव से पहले मतदाताओं को रिश्वत देने की कोशिश कर रही है। खड़गे ने कहा, आयकर में छूट की सीमा पहले भी बढ़ती रही है। इस बार सदन में भाजपा के लोग ऐसे मोदी-मोदी कर रहे थे कि लगा कि कोई तमाशा हो गया है।

उन्होंने कहा, यह लेखानुदान था। इसकी बजाय उन्होंने एक साल का बजट रखा और लोगों को गुमराह करने कोशिश की गई है। ये समझते हैं कि इन घोषणाओं से उनको वोट मिलेंगे, लेकिन लोगों को पता है कि इन्होंने पहले किस तरह से वादे किए और फिर धोखा दिया। कांग्रेस नेता ने कहा, पहले इन्होंने बोला था कि 15 लाख देंगे। पहले ये तो दो। चुनाव को देखते हुए आयकर की सीमा को ढाई लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख कर दिया।

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘प्रिय नरेंद्र मोदी जी, आपकी पांच वर्षों की अक्षमता और अहंकार ने हमारे किसानों के जीवन को बर्बाद कर दिया। उनको प्रतिदिन 17 रुपये देना हर उस चीज का अपमान है जिसके लिए किसान खड़े हैं और काम कर रहे हैं।’

सरकार का अंतिम बजट जुमलों से भरा है: मायावती

बसपा अध्यक्ष मायावती ने मोदी सरकार के अंतिम बजट को जुमलों से भरा करार देते हुए इसे जमीनी हकीकत से दूर बताया है। मायावती ने कहा, सरकार का अन्तिम और चुनाव पूर्व अन्तरिम बजट जमीनी हकीकत और समस्याओं के समाधान से दूर एवं जुमलेबाजी वाला बजट है।

समाचार एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक मायावती ने एक बयान जारी कर कहा, पिछले पाँच वर्षों के कार्यकाल में देश में आर्थिक असमानता की खाई बढ़ी है। इससे धन और विकास कुछ मुट्ठीभर धनकुबेरों के हाथ में सिमट गया है। यह इस सरकार की विफलता के अलावा गरीब और किसान विरोधी होने को भी प्रमाणित करता है।

मायावती ने कहा कि बीजेपी के बड़े वादों और दावों की जुमलेबाजी से देश की तकदीर नहीं बदल सकती है। इससे देश में लम्बे समय से जारी जर्बदस्त मंहगाई, गरीबी, अशिक्षा और बेरोजगारी की समस्या समाप्त नहीं हो सकती है। अंतरिम बजट देश की जनता को मायूस और बेचैन करने वाला ही है।

एक साल के बजट में दस साल आगे की झूठी बात है: अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा, “बीजेपी सरकार ने पिछले 5 सालों में 5-5 किलो करके खाद की बोरियों से जो निकाला है, अब उसी को वो 6 हज़ार रुपया बनाकर साल भर में वापस करना चाहती है। भाजपा ने ‘दाम बढ़ाकर व वज़न घटाकर’ दोहरी मार मारी है. अगले चुनाव में किसान ‘बोरी की चोरी करने वाली भाजपा’ का बोरिया-बिस्तर ही बाँध देंगे।”

अखिलेश ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, “एक साल के बजट में दस साल आगे की झूठी बात है। बहुसंख्यक भूमिहीन किसानों व श्रमिकों के लिए इसमें कुछ भी राहत नहीं है। पाँच सालों की प्रताड़ना और पीड़ा के बाद देश के किसान, व्यापारी-कारोबारी, बेरोज़गार युवा अब भाजपा से मुक्ति चाहते हैं, दिखावटी ऐलान नहीं।”

आप नेता संजय सिंह ने सरकार पर साधा निशाना

आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने ट्वीट कर लिखा, “एक बोतल साफ़ पानी की क़ीमत 20 रु महीने का ख़र्च 600 रु मोदी जी किसान परिवार को प्रतिमाह दे रहे हैं 500 रु “प्रधानमंत्री पानी पिलाओ परिवार जिलाओ योजना” बजाओ ताली, मनाओ दिवाली।” एक अन्य ट्वीट में संजय सिंह ने लिखा, “5 साल तक कुछ न करो तो जाते जाते “जुमलों का विस्फोट” करने में कोई बुराई नही है।”

सभी वर्ग के लोगों का रखा गया ध्यान: योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट पर कहा कि इसमें सभी वर्ग के लोगों का ध्यान रखा गया है। गरीब और महिलाओं पर भी फोकस किया गया है। इस बजट से हम न्यू इंडिया के सपने को पूरा करने में सफल होंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here