“भाजपा है झूठों का मेला, किसान है हमारा भोला…” अर्नब गोस्वामी के डिबेट शो ‘पूछता है भारत’ में BJP समर्थक पर जमकर भड़के राजनीतिक विश्लेषक

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मोदी सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर किसान पिछले एक महीने से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर डटे हुए हैं तो वहीं सरकार भी नरम पड़ती नहीं दिख रही। प्रदर्शन कर रहे किसानों के आंदोलन को लगभग हर तरफ से समर्थन मिल रहा है। इसी बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (25 दिसंबर) को 6 राज्यों के किसानों से संवाद किया।

अर्नब गोस्वामी
(फोटो: सिंधु बॉर्डर, जनता का रिपोर्टर/सुरेश कुमार)

प्रधानमंत्री के किसानों से संवाद को लेकर अर्नब गोस्वामी के टीवी चैनल ‘रिपब्लिक भारत’ के डिबेट शो ‘पूछता है भारत’ पर लाइव टीवी डिबेट के दौरान राजनीतिक विश्लेषक और भाजपा समर्थक (आरएसएस के करीबी) संजीव उनियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों से संवाद किया है अब आंदोलन ज्यादा दिन नहीं टिकेगा।

उनकी इस बात पर राजनीतिक विश्लेषक विनोद सिंह भड़क गए और संजीव उनियाल से कहने लगे, भाजपा है झूठों का मेला, किसान है हमारा भोला, अगर बनोगे आग का गोला, रोकेगा विनोद सिंह अकेला। खुली चुनौती देता हूं आपको। तुम झूठों का मेला हो। ये बात ध्यान से सुन लो जुमलेबाजों। किसानों का लगातार अपमान कर रहे हो, इतने किसानों की जान चली गई। पिछले 7 सालों से जो तुमने कहा है सब झूठ साबित हुआ है। नैतिकता की उम्मीद इस पार्टी से की ही नहीं जा सकती।

विनोद सिंह के बोलने के दौरान संजीव उनियाल भी लगातार बोले जा रहे थे। उन्होंने कहा कि, आज का दिन उल्लास का दिन है, प्रफुल्लित होने का दिन है। आज देश के प्रधानमंत्री ने किसानों से बात की है, शर्म आनी चाहिए आपको। ये उनके मुंह पर चांटा है। हल चलाने वाले किसान को तुमने गुमराह किया। किसानों को दिल में बिठाने वाले मोदी ने कितनी सफाई से किसानों को अपनी बात बताई। आंदोलन अब ज़्यादा दिन नहीं चलेगा क्योंकि किसान जान गए हैं कि उनकी गुमराह करने वाले तुम हो। तुम देश के टुकड़े करने वाले हो। कभी शाहीन बाग़ तो कभी किसानों के रूप में इस देश को बांटना चाहते हो।

वीडियो 21 मिनट के बाद से देखें:

गौरतलब है कि, केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब और हरियाणा के अंदरूनी इलाकों से आए हजारों किसान दिल्ली की सीमाओं पर 26 नवंबर से विरोध प्रदर्शन पर बैठे हैं। वे हरियाणा की सिंघु, टिकरी सीमा और उत्तर प्रदेश की गाजीपुर और चिल्ला सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं। किसानों के इस आंदोलन को कई संगठनों और राजनितिक दलों का समर्थन मिल चुका है। किसानों के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार विपक्ष के साथ-साथ अपनी सहयोगी पार्टियों के भी निशाने पर आ गई है।

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