एक मर्तबा फिर भाजपा समर्थक, RSS कार्यकर्ता की हत्या के शक के घेरे में

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राष्ट्रीय स्वयं सेवक (आरएसएस) के कार्यकर्ता आर. रुद्रेश (35) की हत्या के मामले ने सोमवार को नया मोड़ ले लिया। प्राथमिक जांच में रुद्रेश हत्या में बीजेपी के पूर्व कार्यकर्ता के होने की बात आई है। पुलिस ने सोमवार को कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की।

पुलिस ऑफिसर ने बताया की जांच में हत्या में बीजेपी के पूर्व कार्यकर्ता का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है, हत्या के पीछे राजनीतिक कारण भी सामने आ रहे हैं।

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बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के चुनाव के दौरान बीजेपी के पूर्व कार्यकर्ता और रुद्रेश के बीच झगड़ा होने का पता चला। पुलिस ने फौरन पूर्व कार्यकर्ता के आवास पर पुलिस ने छापा मारा, लेकिन वो फरार था।

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आरएसएस कार्यकर्ताओं की लगातार हो रही हत्या के पीछे अक्सर जो कारण बताया जाता है उसकों एक सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। ये हत्याएं राजनीति से प्रेरित हैं, इसका कोई स्पष्ट आंकड़ा तो नहीं लेकिन संगठन का दावा है कि उसने अपने सबसे अधिक कार्यकर्ता खोए हैं। इस तरह की हत्याओं को शुरुवाती दौर में सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया जाता रहा है। लेकिन जांच के बाद नतीजे कुछ और ही आए। इस बार भी रुद्रेश की हत्या में उसी का एक साथी और पूर्व बीजेपी कार्यकर्ता का हाथ होने से आरएसएस के सारे दावें और अनुमान खोंखले हो जाते हैं।

इससे पहले भी कर्नाटक के मेंगलोर में संघ के करीबी और नमो ब्रिगेड के फाउंडर नरेन शिनाय को आरटीआई एक्टिविस्ट विनायक बलीगा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।  शेनॉय कर्नाटक में संघ के करीबी माने जाते हैं।आरटीआई कार्यकर्ता बलीगा भी भाजपा से जुड़े हुए थे। अपनी आरटीआई से उन्होंने यह बात सार्वजनिक की थी कि मंदिर के फंड से 9 करोड़ रुपए की हेराफेरी हुई है।

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पुलिस आयुक्त ने बताया कि सोमवार को विशेष दल ने घटनास्थल के निकट लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में दो युवक हेलमेट पहने बाइक पर आते दिखे हैं। उन्होंने घटनास्थल से पहले बाइक खड़ी की थी। इनमें से जिस युवक ने मंकी कैप पहन रखी थी वह दरांती से रुद्रेश का गला रेतकर बाइक की तरफ भागता है और फरार हो जाता है।

रुद्रेश रियल एस्टेट, दूध का कारोबार, चिटफंड कंपनी चलाने के अलावा ठेके काम भी करता था। हत्याकांड की जांच के लिए पांच विशेष दल गठित किए। इनमें दो दल केन्द्रीय अपराध जांच शाखा (सीसीबी) के हैं।

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गौरतलब है कि बेंगलुरू में आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के नेता की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। रुद्रेश शिवाजी नगर में आरएसएस का मंडल सचिव था। चश्मदीदों के मुताबिक रविवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे वे यहां अपनी बाइक रोककर तीन दोस्तों से बात कर रहा था, तभी दूसरी बाइक पर सवार 2 लोगों ने एक धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया था।

रुद्रेश की हत्या के बाद से सोशल मीडिया पर बीजेपी की निंदा हो रही है और रुद्रेश को इंसाफ दिलाने की मुहिम छिड़ी है पढ़िए सोशल मीडिया रिएक्शन

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