डीसीपी विक्रम कपूर आत्महत्या कांड मामला: पहले SHO गिरफ्तार, अब फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर का ट्रांसफर

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हरियाणा के आईपीएस और फरीदाबाद एनआईटी पुलिस मुख्यालय में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) रहे विक्रमजीत सिंह कपूर आत्महत्या कांड में रोज कुछ न कुछ नया निकल कर सामने आ रहा है।

डीसीपी

बता दें कि, इस आत्महत्या कांड मामले में कुछ दिन पहले पुलिस ने अपने ही एसएचओ इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया था। अब सरकार ने फरीदाबाद के पुलिस कमिश्नर का ट्रांसफर कर दिया है। अब तक सूबे में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) प्रमुख रहे के.के. राव को फरीदाबाद का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। के.के. राव ने सोमवार को प्रभार ग्रहण करते ही तमाम अधीनस्थ आला-अफसरों के साथ बैठक की।

समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, फरीदाबाद पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बैठक में भी नव-नियुक्त पुलिस आयुक्त राव ने सबसे पहले डीसीपी विक्रमजीत सिंह कपूर आत्महत्या कांड में अब तक हुई जांच के बारे में ही पूछा।

डीसीपी विक्रमजीत सिंह कपूर आत्महत्या कांड में जिस तरह से फरीदाबाद पुलिस की बदनामी हुई थी, उससे राज्य पुलिस महानिदेशालय और राज्य सरकार खासी खफा थी। इसी के चलते यहां पूर्व में तैनात पुलिस कमिश्नर संजय कुमार का ट्रांसफर हिसार कर दिया गया है। संजय कुमार ने हिसार से ही ट्रांसफर पर फरीदाबाद में पुलिस आयुक्त का चार्ज ग्रहण किया था। डीसीपी विक्रमजीत सिंह कपूर आत्महत्या कांड में जिस तरह से पूर्व पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने चुप्पी साधी, उससे भी राज्य पुलिस की खासी किरकिरी हुई थी।

नये पुलिस कमिश्नर ने मातहत अफसरों से कुछ दिन पहले शहर में हुए कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विकास चौधरी हत्याकांड के बारे में भी पूछताछ की। जबाब में मातहतों ने बताया कि विकास चौधरी हत्याकांड के फरार चल रहे मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता कुख्यात बदमाश कौशल को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है। कौशल से पूछताछ की जा रही है। आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि कौशल की गिरफ्तारी की अधिकृत जानकारी नव-नियुक्त पुलिस आयुक्त कुछ देर बाद फरीदाबाद में पत्रकार-वार्ता आयोजित करके दे सकते हैं।

गौरतलब है कि, एनआईटी फरीदाबाद के डीसीपी विक्रमजीत सिंह कपूर ने मातहत इंस्पेक्टर एसएचओ अब्दुल शाहिद और एक अन्य पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाकर 14 अगस्त को आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या फरीदाबाद जिला पुलिस लाइन स्थित सरकारी आवास में की गई थी। घटना के वक्त सरकारी बंगले पर डीसीपी कपूर की पत्नी और एक पुत्र अर्जुन कपूर मौजूद था।

अर्जुन कपूर के बयान पर ही इस मामले में आत्महत्या को उकसाने का केस दर्ज किया गया था। दिल दहला देने वाली घटना के पीछे के किरदारों में एसएचओ, उसकी महिला मित्र और तथाकथित ब्लैकमेलर कोई पत्रकार शामिल है.. इसका खुलासा डीसीपी के सुसाइड नोट और उनके परिजनों से मिली जानकारी के बाद हुआ। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर 14 अगस्त को ही एसएचओ अब्दुल शाहिद को निलंबित कर उसे हिरासत में ले लिया था।

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