मन की बात: PM मोदी ने 33वीं बार किया देशवासियों को संबोधित, कहा- इमरजेंसी को कोई भूल नहीं सकता

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की जनता को 33वें संस्करण में ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए एक बार फिर रविवार(25 जून) को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने सबसे पहले भगवान जगन्नाथ यात्रा और ईद-उल-फ़ितर की शुभकामनाएं दी। इसके बाद पीएम मोदी ने इमरजेंसी के दिनों को याद करते हुए कहा कि 1975 की इमरजेंसी को कोई भूल नहीं सकता, पूरा देश जेल बन गया था।

पीएम मोदी ने कहा कि आज भगवान जगन्नाथ जी की रथ यात्रा निकल रही है, देश के कई भागों में श्रद्धा और उल्लासपूर्वक देशवासी मनाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता इसकी विशेषता भी है और ये भारत की शक्ति भी है। इसके बाद पीएम ने कहा कि रमजान का पवित्र महीना सब दूर इबादत में पवित्र भाव के साथ मनाया। अब ईद का त्योहार है ईद उल फ़ितर के अवसर पर मेरी तरफ से सबको शुभकामनाएं। रमजान खुशिया बांटने का महीना है।

इसके बाद पीएम मोदी ने इमरजेंसी को याद करते हुए बिना नाम लिए कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी के समय अखबारों को बेकार कर दिया गया। 25 जून, 1975 की रात भारतीय लोकतंत्र के लिए काली रात थी। इमरजेंसी के दौरान अटलजी जेल में थे। उस रात को कोई भारतवासी, कोई लोकतंत्र प्रेमी भुला नहीं सकता।

बता दें कि इससे पहले पीएम मोदी ने 28 मई को 32वें देश की जनता को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के संबोधित किया था।पीएम मोदी अपने इस कार्यक्रम में हर बार आम आदमी से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण गतिविधि को केंद्रित करते हैं और इसके लिए सभी देशवासियों से विषय और सुझाव आमंत्रित करते हैं।

पढ़िए, ‘मन की बात’ की मुख्य बातें:-

  • हमें बच्चों को खेल का अवसर देना चाहिए। अगले ओलिंपिक के लिए सभी को सपने सजाने चाहिए।
  • युवाओं का रुझान खेल की तरफ बढ़ रहा है। किदांबी श्रीकांत ने हमारा मान बढ़ाया है।
  • मंगल अभियान को 6 महीने चलना था लेकिन हमारी ताकत यह है कि 1000 दिनों के बाद भी मंगलयान काम कर रहा है।
  • योग के अलावा हम अंतरिक्ष विज्ञान पर भी गर्व करते हैं। दो दिन पहले इसरो ने 31 सैटलाइट्स लॉन्च किए।
  • मदुरै की एक महिला की चिट्ठी पढ़ने को मिली। उन्होंने लिखा कि परिवार की आर्थिक मदद के लिए मुद्रा योजना से पैसे लेकर बाजार में सामान सप्लाइ करना शुरू किया। मैंने गवर्नमेंट ई मार्केट में रजिस्टर करवाया।
  • क्वीन एलिजाबेथ ने एक बार भोजन के बाद मुझे खादी का रुमाल दिखाकर कहा कि उनकी शादी के बाद उन्हें महात्मा गांधी ने भेंट किया था।
  • हम धीरे-धीरे बुके की जगह बुक या खादी का रूमाल देने की आदत डाल रहे हैं और सरकार में भी लागू कर रहे हैं।
  • केरल में मुझे कार्यक्रम में बताया गया कि वहां बुके नहीं बुक दी जाती है।
  • मन की बात में पूछा गया सवाल, ‘बुके की जगह किताब देने की बात की थी लेकिन अभी यह देखने को नहीं मिल रहा है। इस बारे में हम क्या कर सकते हैं?’
  • योग से लोग फिटनेस से वेलनेस की तरफ जा रहे हैं।
  • पहली बार लखनऊ में बारिश में योग करने का अवसर प्राप्त हुआ।
  • पेरू, अफगानिस्तान, सिंगापुर, यूएन में योग दिवस मनाया गया। संयुक्त राष्ट्र ने 10 स्टैंप जारी किए।
  • योग एक धागे में बंध गया है, विश्व को जोड़ने का कारण बन गया है। चीन में और दुनियाभर में योग का अभ्यास हुआ।
  • आपातकाल के वक्त अटल जी भी जेल में थे और बाद में उन्होंने कविता लिखी, ‘झुलसाता जेठ मास, सरल चांदनी उदास, सिसकी भरते सावन का अंतरघट रीत गया, एक बरस बीत गया।’
  • प्रकाश जी ने आपातकाल को याद किया और उस काली रात को याद किया।
  • प्रकाश त्रिपाठी जी ने हमें लिखा है कि लोकतंत्र के प्रति नित्य जागरूकता जरूरी होती है।
  • आंध्र प्रदेश के विजनगरम में प्रशासन और जनता ने 100 घंटों में 71 ग्राम पंचायतों में दस हजार शौचालय बनाए।
  • आज स्वच्छता एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि जन आंदोलन बन गया है।

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