CBSE की इस छात्रा ने एक सप्ताह पहले ही PM मोदी तक पहुंचा दी थी पेपर लीक की जानकारी, लेकिन नहीं हुई कोई कार्रवाई

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं क्लास का गणित और 12वीं का अर्थशास्त्र परीक्षा के पेपर लीक मामले में एक नया मोड़ आ गया है। दरअसल, लुधियाना की एक छात्रा जाह्नवी बहल ने पेपर लीक होने के बारे पता चलने पर एक सप्ताह पहले ही स्थानीय पुलिस को शिकायत दे दी थी, लेकिन कार्रवाई न होने के कारण देश के करीब 28 लाख बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना करना पड़ा है।

(HT File Photo)

इतना ही नहीं 17 मार्च को पंजाब स्थित लुधियाना की छात्रा जाह्नवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस बारे में एक चिट्ठी भी लिखी थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि लुधियाना के पुलिस कमिश्नर पेपर लीक की शिकायत पर कोई एक्शन नहीं ले रहे हैं। लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय ने छात्रा की शिकायत का संज्ञान नहीं लिया। 12वीं बोर्ड की परीक्षा देने वाली जाह्नवी ने प्रधानमंत्री से गड़बड़ी की जांच कराने की मांग की। जाह्नवी पंजाब के लुधियाना में रहती हैं। डीएवी स्कूल पढ़ती हैं और इसी साल 12वीं की परीक्षा दी है।

सीबीएसई और लुधियाना पुलिस कमिश्नर और प्रधानमंत्री कार्यालय ने यदि 12वीं कक्षा की छात्रा जाह्नवी की शिकायत को गंभीरता से लिया होता तो देशभर के लाखों विद्यार्थियों को अर्थशास्त्र का पेपर दोबारा नहीं देना पड़ता। साथ ही सीबीएसई को लाखों का नुकसान न होता। जाह्नवी ने 17 मार्च को ही बता दिया था कि अर्थशास्त्र का पेपर लीक होगा।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने जब उनकी शिकायत का संज्ञान लिया तो सीबीएसई ने इस परीक्षा को रद्द किया।

समाचार एजेंसी ANI को जाह्ववी ने बताया कि मैंने कुछ अन्य छात्रों और शिक्षकों ने लीक का पता लगा रहे थे और उन लोगों से संपर्क भी किया जिन्होंने वाट्सएप के जरिए पेपर लीक किया। हमने इसकी सूचना पुलिस को दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। जाह्नवी ने यह भी बताया कि ”मैंने प्रधानमंत्री को भी पेपर लीक के बारे में 17 मार्च को एक पत्र लिखा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिन लोगों ने पेपर लीक किया, उन्हें पकड़ा जाना चाहिए।”

पुलिस ने RSS के छात्र संगठन ABVP के नेता को किया गिरफ्तार

वहीं इस मामले में झारखंड पुलिस ने अब तक 9 नाबालिगों समेत 12 लोगों की गिरफ्तारी की है। इनमें दो छात्र पटना से, सात छात्र चतरा से और निजी कोचिंग सेंटर के तीन शिक्षक शामिल हैं। झारखंड के चतरा जिले की पुलिस के मुताबिक इस मामले में RSS के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के एक नेता और उनके साथी समेत कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से दो लोग पटना से गिरफ्तार किए गए हैं।

चतरा के एसपी अखिलेश बी वारियार ने बीबीसी से बातचीत में इन गिरफ्तारियों की पुष्टि की। एसपी अखिलेश बी वारियार ने कहा कि, “हमने पेपर लीक की शिकायत के बाद स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) गठित कर इस मामले की जांच कराई। कई इलेक्ट्रानिक सबूत हाथ लगने के बाद हमलोगों ने चतरा में संचालित स्टडी विजन नामक कोचिंग संस्थान के संचालक सतीश पांडेय और पंकज सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

उनसे पूछताछ के बाद गणित के एक शिक्षक और दसवीं कक्षा के नौ छात्रों को भी गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार छात्रों के खिलाफ जुवेनाइल एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी। लिहाजा, उन्हें बाल सुधार गृह भेजा गया है।” गिरफ्तार किए गए कोचिंग संचालक सतीश पांडेय एबीवीपी के जिला संयोजक हैं। उनपर आरोप है कि मोटी रकम के बदले उन्होंने जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्रों को गणित का प्रश्नपत्र परीक्षा से पूर्व ही उपलब्ध करा दिया था।

ये प्रश्नपत्र पटना से मंगवाया गया था। उन्होंने बताया कि पुलिस अभी भी इस मामले की जांच कर रही है और संभव है कि आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां की जाएं और कुछ नए तथ्यों का भी खुलासा हो। पुलिस ने दावा किया है कि दसवीं कक्षा का गणित का पेपर चतरा में ’27 मार्च को ही लीक हो गया था।’ जबकि इसकी परीक्षा 28 मार्च को हुई। वहीं, एसएसटी और विज्ञान के पर्चे परीक्षा के दौरान लीक कराए गए।

वहीं सीबीएसई पेपर लीक मामले में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने रविवार को तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक कोचिंग सेंटर का मालिक है और अन्य दो टीचर हैं। पहले तीनों को पुलिस ने हिरासत में लिया था, फिर गिरफ्तार कर लिया। पेपर लीक के विरोध में शनिवार को दिल्ली में छात्रों के एक समूह ने प्रीत विहार स्थित सीबीएसई के कार्यालय के पास प्रदर्शन किया। इसके अलावा पटना में भी छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया।

बता दें कि सीबीएसई द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षा में 10वीं के गणित और 12वीं के अर्थशास्त्र विषयों के पेपर लीक हो गए थे। सीबीएसई ने दोनों पेपर्स को दोबारा करवाने का ऐलान किया है। 12वीं (अर्थशास्त्र) का पेपर 25 अप्रैल को होगा, वहीं 10वीं (गणित) के पेपर को दोबारा करवाने पर अभी विचार किया जा रहा है। 15 दिनों के अंदर जांच के बाद तय होगा कि गणित का पेपर फिर से करवाया जाए या नहीं। अगर गणित का पेपर दोबारा हुआ भी तो सिर्फ दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा क्षेत्र में होगा।

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