“मोदी जी! ‘शराब होता है’, ‘सराब’ नहीं… पार्टी का नाम ‘सपा’ है, ‘शपा’ नहीं”, ट्विटर लोगों ने जमकर लिए मजे

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (28 मार्च) को उत्तर प्रदेश के मेरठ से अपने चुनाव अभियान का शंखनाद करते हुए विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला। चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं चौकीदार हूं, चौकीदार कभी नाइंसाफी नहीं करता, हिसाब होगा, सबका होगा, बारी बारी से होगा। उन्होंने कहा कि अपना हिसाब दूंगा ही और साथ-साथ दूसरों का हिसाब भी लूंगा। ये दोनों काम साथ-साथ चलेंगे। तभी तो होगा हिसाब बराबर। चौकीदार हूं भई, और चौकीदार कोई नाइंसाफी नहीं करता। हिसाब होगा, सबका होगा, बारी बारी से होगा।

File Photo: AFP

पीएम मोदी ने कहा कि जब आप 2014 से पहले और अब तक की तुलना करेंगे तो अंतर दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि इन महामिलावटी सरकार थी तब देश के अलग-अलग कोने में आए दिन धमाके होते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ये महामिलावटी आतंकियों को संरक्षण देते थे। उन्होंने कहा, “जब दिल्ली में इन महामिलावटी लोगों की सरकार थी, तो आए दिन देश के अलग-अलग कोने में बम धमाके होते थे। ये आतंकियों की भी जात और पहचान देखते थे और उसी आधार पर पहचान करते थे कि इसे बचाना है या सजा देनी है।”

शराब से की गठबंधन की तुलना

प्रधानमंत्री ने सपा-बसपा गठबंधन और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि आज एक तरफ नए भारत के संस्कार हैं, तो दूसरी तरफ वंशवाद और भ्रष्टाचार का विस्तार है। एक तरफ दमदार चौकीदार है, तो दूसरी तरफ ‘‘दागदारों की भरमार’’ है। मोदी ने कहा कि मुकाबला ‘‘एक निर्णायक सरकार और एक अनिर्णायक अतीत के बीच है।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल और बहुजन समाज पार्टी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि इन तीनों पार्टियों के पहले अक्षरों को मिलाकर ‘सराब’ बनती है। मेरठ से चुनावी अभियान की शुरूआत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सपा के स, रालोद के रा और बसपा के ब को मिलाकर ‘सराब’ बनती है जो सेहत के लिये खतरनाक होती है इसलिये इस गठबंधन से सावधान रहना चाहिए।

पीएम मोदी के इस बयान पर विपक्षी दलों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। कांग्रेस ने विपक्षी पार्टियों की तुलना शराब से करने के लिए मोदी से माफी मांगने को कहा। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन पर ‘‘नफरत के नशे’’ को फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि वह ‘शराब’ और ‘सराब’ के बीच के अंतर को नहीं जानते हैं।

ट्विटर पर लोगों ने जमकर लिए मजे

पीएम मोदी के इस बयान के बाद ट्विटर पर लोग जमकर मजे ले रहे हैं। यूपी के पूर्व सीएम और सपा प्रमुख अखिलेश ने ट्वीट कर लिखा, “आज टेली-प्रॉम्प्टर ने यह पोल खोल दी कि सराब और शराब का अंतर वह लोग नहीं जानते जो नफ़रत के नशे को बढ़ावा देते हैं। सराब को मृगतृष्णा भी कहते हैं और यह वह धुंधला सा सपना है जो भाजपा 5 साल से दिखा रही है लेकिन जो कभी हासिल नहीं होता। अब जब नया चुनाव आ गया तो वह नया सराब दिखा रहे हैं।”

वहीं, मशहूर डायरेक्टर विशाल भारद्वाज ने भी ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है। विशाल ने ट्वीट कर लिखा है, “हस्ती अपनी हबाब की सी है, ये नुमाइश सराब की सी है। मीर तक़ी मीर। सराब को शराब ना पढ़े ना बोलें।”

देखिए, लोगों के कुछ मजेदार ट्वीट्स:

विपक्ष को बताया ‘पाकिस्तानी हीरो’

इस दौरान प्रधानमंत्री ने इशारों-इशारों में विपक्षी नेताओं को ‘पाकिस्तानी हीरो’ बताते हुए जमकर बरसे। पीएम मोदी ने कहा, “सारे महामिलावटी लोग, कौन पाकिस्तान में ज्यादा पॉपुलर होगा इस प्रतिस्पर्धा में लगे हैं। वहां की मीडिया में छाए हुए हैं।” इस दौरान रैली में मौजूद लोगों से प्रधानमंत्री ने पूछा- “आपको तय करना है कि आपको हिंदुस्तान (मोदी) के हीरो चाहिए या पाकिस्तान (विपक्ष) के?” उन्होंने आगे कहा, “मैं देशवासियों से पूछना चाहता हूं कि हमें सबूत (विपक्ष) चाहिए या सपूत (मोदी)। मेरे देश के सपूत यही मेरे देश के सबसे बड़े सबूत हैं। जो सबूत मांगते हैं, वो सपूत को ललकारते हैं।”

पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “मुझे पता चला है कि यहां मेरठ में विरोधी दलों के जो उम्मीदवार हैं, उन्होंने तो आतंकवादियों के लिए करोड़ों रुपये के ईनाम तक का ऐलान कर दिया था। अब आप सोचिए, महामिलावट के लिए ये लोग किस हद तक जा सकते हैं।” उन्होंने कहा कि आज स्थिति ये है कि कुछ दिन पहले जो चौकीदार को चुनौती देते फिरते थे वो आज रोते फिरते हैं। मोदी ने पाकिस्तान को घर में घुसकर क्यों मारा, आतंकियों के अड्डे नष्ट क्यों किए, इन बातों पर रो रहे हैं।

 

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  1. बस करो यार । एक तो 70 साल से शराब बंदी झेल रहे हैं गुजराती । सत्तर साल से जिस चीज का दीदार नहीं किया उसकी स्पेलिंग किसको याद रहती है। वैसे यह नेहरू की गलती है कि उनके जमाने में गुजरात के स्कूलों में हिन्दी भाषा के शब्दों की सही हिज्जे/स्पेलिंग नहीं सिखाये जाते थे।

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