कॉमेडियन के इस वीडियो का समर्थन कर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने की पुष्टि! पीएम मोदी ने अनिल अंबानी की मदद के लिए किया था राफेल सौदा

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पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के मामले में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को क्लीन चिट दे दी थी। शीर्ष अदालत ने कहा था कि अरबों डॉलर कीमत के राफेल सौदे में निर्णय लेने की प्रक्रिया पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है। शीर्ष अदालत ने जांच की मांग खारिज कर दी थी जिसके बाद इस फैसले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर अभी भी जारी है।

इस बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव का एक वीडियो शेयर कर फंस गए हैं। दरअसल, इस वीडियो में राजू श्रीवास्तव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आलोचकों को करारा जवाब दिया है। पीएम मोदी के समर्थन वाले राजू के इस वीडियो को केंद्रीय मंत्री ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से शेयर किया है। हालांकि, उन्हें इस बात का ऐहसास नहीं था कि यह वीडियो उनके लिए गले की फांस बन सकती है।

दरअसल, यह वीडियो विपक्ष के उन आरोपों की पुष्टि करता है कि कथित तौर पर पीएम मोदी ने उद्योगपति अनिल अंबानी की मदद के लिए यह विवादास्पद राफेल सौदे पर हस्ताक्षर किया था। राफेल सौदे को लेकर वीडियो में राजू कहते हैं, “मोदी जी पता था कि भारतीय सेना को क्या-क्या चाहिए…तब हुई राफेल डील…जिससे हमारी एयरफोर्स स्ट्रांग होने वाली हैं। लड़ाकू विमान आने वाले हैं। मोदी जी ने यह जो सरकारी संस्थान है HAL (हिंदुस्तान ऐयरोनॉटिक्स लिमिटेड) से कहा कि आपको जो काम दिया गया है आप उसी को पहले पूरा करिए। ये राफेल डील हम प्राइवेट सेक्टर को दे रहे हैं। तो सच भी है हर जगह बदलाव आ रहा है। सरकारी संस्थान से क्या आप हमेशा खुश हैं? क्या आप दूरदर्शन देखते हैं? गांव के लोग देखते हैं क्योंकि उनके पास कोई और दूसरा ऑप्शन नहीं है। क्या आप सरकारी बस में सफर करते हैं? मजबूरी में सफर करते हैं। सरकारी अस्पताल में कौन जाना चाहता है? कोई नहीं…सरकारी स्कूल में आप अपने बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं? नहीं…हां लोग सरकारी नौकरी चाहते हैं, क्योंकि सरकारी नौकरी में बहुत मजा है…काम नहीं करना पड़ता…कुछ नया हो रहा है उसका स्वागत करो।”

आपको बता दें कि विपक्ष लगातार यही आरोप लगाता आ रहा है कि मोदी सरकार ने HAL को दरकिनार कर ऑफसेट पार्टनर के रूप में अनिल अंबानी के रिलायंस समूह की एक कंपनी का चयन किया। विपक्ष के इन आरोपों को राजू ने भी पुष्टि की है, जिसे खुद केंद्रीय मंत्री ने भी अपनी मुहर लगा दी है। हालांकि प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने पिछले दिनों अपने फैसले में कहा था कि लड़ाकू विमानों की जरूरत है और देश इन विमानों के बगैर नहीं रह सकता है। तीन सदस्यीय पीठ की तरफ से फैसला पढ़ते हुए प्रधान न्यायाधीश गोगोई ने कहा कि लड़ाकू विमानों की खरीद की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि कीमतों के तुलनात्मक विवरण पर फैसला लेना अदालत का काम नहीं है। पीठ ने कहा कि खरीदी, कीमत और ऑफसेट साझेदार के मामले में हस्तक्षेप के लिए उसके पास कोई ठोस साक्ष्य नहीं है। अदालत की निगरानी में राफेल सौदे की जांच कराने की मांग करने वाली विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने यह फैसला सुनाया। हालांकि अब राजू का यह वीडियो शेयर कर सोशल मीडिया के केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल फंस गए हैं।

 

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