विवाद के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- “मैंने तो अभी तक ‘नमो टीवी’ देखा ही नहीं”

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इन दिनों कई डीटीएच प्लेटफॉर्म पर बिना किसी भुगतान के ही ‘नमो टीवी’ दिखाई पड़ रहा है। आचार संहिता लागू होने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण और बीजेपी का प्रचार दिखाने वाले इस चैनल पर विपक्ष सवाल खड़े कर रहा है। चुनाव आयोग ने इस मामले में सूचना प्रसारण मंत्रालय से जवाब भी मांगा है। नमो टीवी पर जारी विवादों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले पर पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है।

एबीपी न्यूज को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने नमो टीवी की शुरुआत पर कहा कि हां चैनल तो आया है, लेकिन मैंने अभी तक देखा नहीं है। उन्होंने कहा कि टीवी देखने का उन्हें समय नहीं मिल पाता है। बता दें कि डीटीएच सेवा प्रदाता टाटा स्काई ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा है कि नमो टीवी एक ‘हिंदी समाचार सेवा’ है, जो राष्ट्रीय राजनीति पर ताजा ब्रेकिंग न्यूज देता है और दर्शकों के पास अपने पैक से चैनल को हटाने कोई विकल्प नहीं है।

जबकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नमो टीवी एक सेवा प्रदाता द्वारा शुरू किया गया एक तरह का विज्ञापन मंच है, जो वर्तमान में कुछ डीटीएच प्लेटफार्मों पर चलाया जा रहा है। पीएम मोदी और भारतीय जनता पार्टी (बीेजपी) दोनों ने सोशल मीडिया पर नमो टीवी को प्रमोट किया है। इस चैनल के लांच के तत्काल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ट्वीट में यह कहते हुए एक चित्र साझा किया था कि चैनल “पीएम मोदी के जोरदार चुनावी अभियान और ढेर सारी आकर्षक सामग्रियों को प्रसारित करेगा।

नमो टीवी आचार संहिता के दौरान 31 मार्च को लॉन्च किया गया था और इसपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों और बीजेपी से जुड़े कंटेंट को दिखाया जाता है। चुनाव आयोग ने सूचना प्रसारण मंत्रालय से पूछा है कि चुनाव से पहले नमो टीवी क्यों लॉन्च किया गया।

चुनाव आयोग (ईसी) ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से नमो टीवी पर विस्तृत जवाब मांगा है। नमो टीवी के खिलाफ कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। पिछले सप्ताह लांच किए गए इस चैनल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक संक्षिप्त नाम का इस्तेमाल किया गया है और यह उनकी रैलियों और भाषणों के लिए समर्पित है।

कांग्रेस ने ईसी से आग्रह किया है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और डीटीएच सेवा प्रदाताओं को तत्काल और आवश्यक निर्देश जारी करे कि वे चैनल के खिलाफ कार्रवाई करें। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) ने भी ईसी में यह कहते हुए शिकायत दायर की है कि क्या आचार संहिता लागू होने के बाद किसी राजनीतिक दल को अपना चैनल शुरू करने की अनुमति दी जा सकती है।

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