पीएम मोदी बोले- ‘अल्पसंख्यकों के साथ हुआ छल, हमें विश्वास जीतना है’

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संसद के सेंट्रल हॉल में शनिवार को हुई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश सत्ता भाव नहीं बल्कि सेवा भाव को स्वीकार करता है। अपने भाषण में उन्होंने अल्पसंख्यकों का भी जिक्र किया और सांसदों को नसीहत भी दी। पीएम मोदी ने सभी नवनिर्वाचित सांसदों से बिना भेदभाव के काम करने को भी कहा। प्रधानमंत्री के रूप में दूसरे कार्यकाल की शुरूआत करने जा रहे नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार अब ‘नयी ऊर्जा के साथ, नए भारत के निर्माण के लिए नयी यात्रा’ शुरू करेगी।

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पीएम मोदी ने राजग के नवनिर्वाचित सांसदों से बिना भेदभाव के काम करने को भी कहा। भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का नेता चुने जाने के बाद अपने करीब 75 मिनट के भाषण में मोदी ने अल्पसंख्यकों का भी विश्वास जीतने की जरूरत बताते हुए कहा कि वोट-बैंक की राजनीति में भरोसा रखने वालों ने अल्पसंख्यकों को डर में जीने पर मजबूर किया, हमें इस छल को समाप्त कर सबको साथ लेकर चलना होगा।

उन्होंने कहा कि जैसा गरीबों के साथ जैसा छल हुआ, वैसा ही छल देश के अल्पसंख्यकों के साथ हुआ है। पीएम मोदी ने कहा, ‘दुर्भाग्य से देश के अल्पसंख्यकों को उस छलावे में भ्रमित और भयभीत रखा गया है, उससे अच्छा होता कि अल्पसंख्यकों की शिक्षा, स्वास्थ्य की चिंता की जाती। 2019 में आपसे अपेक्षा करने आया हूं कि हमें इस छल को भी छेदना है। हमें विश्वास जीतना है।’

अल्पसंख्यकों का भरोसा और विश्वास जीतने का आह्वान करते हुए मोदी ने कहा, “दुर्भाग्यवश, इस देश के अल्पसंख्यकों को डर के वातावरण में रखा गया है और चुनावों में उनका इस्तेमाल किया गया है।” उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों की शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार करने की दिशा में काम करने के बजाय उनको गुमराह करने और डराने का काम किया गया है।

मोदी ने कहा कि इस देश के गरीबों के साथ धोखा किया गया है। उन्होंने कहा, “हमने सबका साथ, सबका विकास के लिए काम किया है और अब हमें सबका विश्वास जीतने का प्रयास करना चाहिए।” उन्होंने कहा, “जिसने हमें वोट दिया है वे हमारा हिस्सा हैं।” उन्होंने इस बात पर बल दिया कि किसी को पीछे नहीं छोड़ा जाना चाहिए और किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।

मोदी ने संसद के सेंट्रल हॉल में राजग के सांसदों से कहा कि हम उनके लिए हैं जिन्होंने हम पर भरोसा किया तथा उनके लिए भी हैं जिनका हमें विश्वास जीतना है। उन्होंने सांसदों से वीआईपी संस्कृति से बचने को कहा। उन्होंने कहा कि सांसदों को जरूरत पड़ने पर अन्य नागरिकों की तरह कतारों में भी खड़ा होना चाहिए। मंत्रिपरिषद के नामों को लेकर चल रही अटकलों पर मोदी ने सांसदों से कहा कि इन पर भरोसा नहीं करें, नियमों के अनुसार जिम्मेदारी दी जाएगी।

पीएम ने कहा कि चुनाव बांटते हैं और दूरियां पैदा करते हैं लेकिन 2019 चुनाव ने लोगों और समाज को जोड़ने का काम किया। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में सत्ता समर्थक लहर थी, इसके परिणामस्वरूप सकारात्मक जनादेश आया। मोदी ने राजग नेताओं को मीडिया से बातचीत करने में संयम बरतने की भी सलाह दी और कहा कि सार्वजनिक रूप से दिये गये कुछ बयान अकसर हमें परेशान करते हैं।

 

 

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