PM मोदी ने अबूधाबी में पहले हिंदू मंदिर का किया शिलान्यास, दुबई में भारतीय समुदाय के लोगों को किया संबोधित

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में पहले हिंदू मंदिर की आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री रविवार (11 फरवरी) को इस मंदिर की आधारशिला रखे जाने के आयोजन के साक्षी बने, जिसे दुबई के ओपेरा हाउस में लाइव स्ट्रीम किया गया। इस दौरान पीएम मोदी ने ओपेरा हाउस ने भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित भी किया।

@narendramodi

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के संबंध व्यापार से परे हैं और खाड़ी देश में बसे भारतीय प्रवासियों के सपनों को दोनों देश मिलकर पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि, “मैं आपको भरोसा दिलाता हूं आपने यहां व भारत में जो सपने देखे हैं उन्हें हकीकत बनाने के लिए हम साथ मिलकर काम करेंगे।”

मोदी संयुक्त अरब अमीरात में कार्यरत सैकड़ों भारतीयों को संबोधित कर रहे थे, जो दुबई ओपेरा हाउस में उन्हें सुनने के लिए एकत्रित हुए थे। मोदी ने हिंदी में भाषण देते हुए कहा कि, “यूएई से हमारा संबंध सिर्फ एक खरीदार या विक्रेता का नहीं है। यह इससे कहीं ज्यादा है।” उन्होंने खाड़ी देशों को उन्हें घर से दूर एक घर प्रदान के लिए धन्यवाद दिया।

बता दें कि इस देश में करीब भारतीय मूल के करीब 30 लाख लोग रहते हैं। यूएई के व्यापारियों को भारत में निवेश करने के लिए आकर्षित करते हुए मोदी ने कहा कि व्यवसाय करने में आसानी की विश्व बैंक रैंकिंग में भारत 142 से 100वें स्थान पर आ गया है, यह ‘अभूतपूर्व’ है, लेकिन हम संतुष्ट नहीं हैं।

मोदी ने कहा कि, “हम बेहतर करना चाहते हैं। हम इसे संभव बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।” पीएम मोदी वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए अबुधाबी-दुबई राजमार्ग पर बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) मंदिर की आधारशिला रखे जाने के भी गवाह बने।

अबुधाबी में इस प्रथम हिंदू मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम का दुबई ओपेरा हाउस में सीधा प्रसारण किया गया। पीएम मोदी ने अबुधाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद जायेद अल नाहयान को मंदिर के निर्माण के लिए 1.25 अरब भारतीयों की तरफ से धन्यवाद दिया।

पीएम मोदी ने कहा कि, “मेरा मानना है कि यह मंदिर सिर्फ वास्तुकला व भव्यता में ही विशेष नहीं होगा, बल्कि यह दुनिया भर के लोगों को ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का संदेश भी देगा।” दुबई-अबू धाबी राजमार्ग पर बनने वाला यह अबू धाबी का पहला पाषाण निर्मित मंदिर होगा। अबू धाबी में प्रथम हिंदू मंदिर 55,000 वर्ग मीटर भूमि पर बनेगा। मंदिर का निर्माण भारतीय शिल्पकार कर रहे हैं।

यह मंदिर 2020 में पूरा होगा और यह सभी धर्म के लोगों के लिए खुला रहेगा। बोचासनवासी श्री अक्षर पुरषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) 1907 में स्थापित सामाजिक-आध्यात्मिक हिंदू संगठन है। यह पूरी दुनिया में 1,100 से ज्यादा मंदिरों और सांस्कृतिक परिसरों की देखरेख करता है। प्रधानमंत्री की यह दूसरी यूएई यात्रा है, पहली बार वह वर्ष 2015 में यहां आये थे।

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