लंदन में पीएम मोदी को करना पड़ा भारी विरोध का सामना, लगे ‘मोदी गो बैक’ के नारे

0

भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटिश की राजधानी लंदन के वेस्टमिंस्टर रॉयल पैलेस में आयोजित कार्यक्रम ‘भारत की बात सबके साथ’ में उन्होंने भारत का रुतबा बढ़ाया हो। लेकिन, ज्यादातर लंदन में पीएम मोदी को भारतीय मूल के लोगों का विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ा।

सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में एक नाबालिग मासूम बच्ची के साथ हुए गैंगरेप व हत्या और उत्तर प्रदेश के उन्‍नाव गैंगरेप की घटनाओं पर अपना विरोध दर्ज करवाया और ‘मोदी गो बैक’ जैसे नारे लगाए। साथ ही प्रदर्शन कर रहें लोगों के पोस्टर पर लिखा था कि, “हम मोदी से नफरत करते है और लोभ के एजेंडे के खिलाफ खड़े हैं”, “मोदी नॉट वेलकम” और “गाय= सुरक्षित, बेटी= सुरक्षित नहीं” आदि जैसे नारों का प्रयोग किया गया।

बता दें कि, मोदी नॉट वेलकम (मोदी का स्वागत नहीं) जैसे हैशटैग से सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा फूट रहा है, इतना ही नहीं उसे लेकर लंदन की सड़कों पर डिजीटल वैन भी दौड़ रही हैं। लंदन में जो वैन घूम रही है, उनमें से एक में हैशटेग जस्टिस फॉर आसिफा लिखा है और उसमें जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में एक नाबालिग मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी का तो जिक्र है, साथ ही यह भी बताया गया है कि पीएम मोदी की पार्टी के नेताओं ने बलात्कारियों के पक्ष में आंदोलन किया था।

इन डिजिटल वैनों पर जो संदेश लिखा हुआ है वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी बीजेपी की भूमिका पर न सिर्फ सवाल उठाने वाले हैं, बल्कि उन्हें कठघरे में खड़े करते हैं।

विरोध प्रदर्शन कर रहीं एक महिला ने कहा कि, ‘हम भारतीय राजनीतिज्ञों से बीमार हैं जो हमारे देश के लिए शर्मिंदा हैं, अब हम मोदी के खोखले भाषणों को सुनने में दिलचस्पी नहीं रखते हैं। हम कार्रवाई चाहते हैं यह शर्म की बात है कि अब हमारा देश दुनिया की बलात्कार राजधानी के रूप में समझा जा रहा है।’

इसी तरह से एक स्क्रीन पर यह बताया जा रहा है कि लंदन में रहने वाले भारतीय क्यों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा का विरोध कर रहे है? इसमें जवाब के तौर पर लिखा है क्योंकि वह फासिस्ट हैं और हिटलर को पसंद करते हैं, वे लिंचिंग भीड़ को प्रश्रय देते हैं जो मुसलमानों को मारती है और बलात्कारियों का बचाव करते हैं। जाति के समर्थक हैं और दलितों की हत्या के समर्थक हैं।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय वकील नवेंद्र सिंह ने कहा कि, ‘भारत सरकार कुछ भी नहीं कर रही है और आप सभी को मिल रहें अन्याय पर जब हम सोचते है तो बुरा लगता है, उन सब के लिए हम खेद प्रकट करते है।’ साथ ही उन्होंने कहा कि, ‘वह (मोदी) चार साल से सत्ता में हैं और महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा में मदद के लिए कोई नीति परिवर्तन नहीं हुआ है।’

बता दें कि, वेस्टमिंस्टर में ब्रिटिश संसद के बाहर सिख और कश्मीरी समूहों ने भी विरोध प्रदर्शन किया था। विशेष रूप से कश्मीरी समूह कई दिनों से कठुआ जिले में नाबालिग मासूम बच्ची के साथ हुए गैंगरेप और हत्या की घटना को लेकर पीएम मोदी के खिलाफ विरोध कर रहे हैं।

बता दें कि, जम्मू-कश्मीर में दो बीजेपी मंत्रियों ने 8 वर्षीय मुस्लिम लड़की के बलात्कारियों और हत्यारों के पक्ष में अपनी विरोध रैली निकाली थी, जिसमें उन्होंने हिंदुत्व कट्टरपंथियों के एक समूह को बढ़ाया दिया था। पीएम मोदी और उनकी पार्टी के लिए वैश्विक निंदा के बाद इन दोनों बीजेपी के मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया था।

वहीं, दूसरी और बलात्कार की एक और घटना जो वैश्विक स्तर पर भारत को शर्मिंदा कर रही थी, जो उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले की है। जहां 18 वर्षीय युवती ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगाया। गौरतलब है कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के बाहर रेप पीड़िता महिला और उसके परिजनों ने खुदकुशी की कोशिश भी की थी, इसके बाद से ही इस मामले ने तूल पकड़ा था।

महिला और उसके परिजनों का आरोप था कि उन्नाव से बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने पिछले साल जून में उससे रेप किया था। महिला ने यह भी कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाने के बाद उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही थी।

इसके बाद स्थानीय पुलिस ने मामले में हस्तक्षेप किया और रेप पीड़िता के पिता को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन पुलिस हिरासत में रेप पीड़िता के पिता की मौत हो गई थी। रेप पीड़िता के पिता की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह साफ हो गया था कि उनकी मौत बेरहमी पिटाई से हुई है। पोस्टमार्टम से साफ हो गया कि मौत बेरहमी से पिटाई और आंत फटने से हुई है।

इन दोनों घटनाओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपनी चुप्पी तोड़ने के लिए मजबूर किया और उन्होंने शुक्रवार(13 अप्रैल) को अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा था कि ऐसी घटनाएं निश्चित तौर पर सभ्य समाज के लिये शर्मनाक है और इन मामलों में कोई भी अपराधी नहीं बचेगा, न्याय होकर रहेगा।

इस मामले को लेकर कश्मीरी मूल के एक ब्रिटिश सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए ‘जनता का रिपोर्टर’ के एडिटर इन चीफ रिफत जावेद को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में ब्रिटेन के शहर बर्मिंघम पेरी बार से ब्रिटिश लेबर पार्टी के सांसद खालिद महमूद ने कहा था कि ‘भारत बलात्कार की राजधानी’ बन गया है। उन्होने कहा है कि इस घटना से लोग काफी दुखी है। ऐसी स्थिति में भारतीय पीएम मोदी अगर ब्रिटेन का दौरा करते हैं तो उन्हें यहां वो सम्मान नही मिलेगा जो पहले मिला था।

बता दें कि, कठुआ और उत्तर प्रदेश के उन्नाव में बलात्कार की घटनाओं के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार(13 अप्रैल) को अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा था कि ऐसी घटनाएं निश्चित तौर पर सभ्य समाज के लिये शर्मनाक है और इन मामलों में कोई भी अपराधी नहीं बचेगा, न्याय होकर रहेगा।

समाचार एजेंसी भाषा की ख़बर के मुताबिक, पीएम मोदी ने कहा कि, ‘जिस तरह की घटनाएं हमने बीते दिनों में देखीं हैं, वो सामाजिक न्याय की अवधारणा को चुनौती देती हैं। पिछले दो दिनो से जो घटनाये चर्चा में है वह निश्चित रूप से किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि, ‘एक समाज के रूप में, एक देश के रूप में हम सब इसके लिए शर्मसार है।’ साथ ही उन्होंने कहा कि, ‘हमारी बेटियों को न्याय मिलेगा।’

दिल्ली के अलीपुर में डा. आंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक के उद्घाटन के दौरान मोदी ने कहा कि, ‘देश के किसी भी राज्य में, किसी भी क्षेत्र में होने वाली ऐसी वारदातें हमारी मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देती हैं। मैं देश को विश्वास दिलाना चाहता हूं की कोई अपराधी बचेगा नहीं, न्याय होगा और पूरा होगा, कोई अपराधी नहीं बचेगा।’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here