पढ़िए राष्ट्र के नाम संबोधन में PM मोदी की घोषणाएं, गर्भवती महिलाओं के लिए किए ये ऐलान

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नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार शाम देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं, किसानों, ग्रामीण आवास, छोटे उद्यमियों और मध्य वर्ग के लिए कई योजनाओं की घोषणा की।

इनका मकसद नोटबंदी के प्रभाव को कम करना है। प्रधानमंत्री ने बेईमान लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अवैध संपत्ति रखने वालों के खिलाफ कानून अपना काम करेगा।  प्रधानमंत्री ने शहरी क्षेत्र में आवास योजना के तहत दो नई योजनाओं की घोषणा की।

मोदी की घोषणाएं

उन्होंने कहा कि गरीब, निम्न मध्यम वर्ग, मध्यम वर्ग के लोग घर खरीद सकें, इसके लिए सरकार दो योजनाएं लाने जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नौ लाख रुपए तक के कर्ज पर ब्याज दर में चार फीसद छूट और 12 लाख रुपए तक के कर्ज पर ब्याज में तीन फीसद की छूट मिलेगी।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत में घर बनाने के लिए दो लाख रुपए के कर्ज पर ब्याज दर में तीन फीसद की छूट मिलेगी। किसानों के लिए प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि जिला कोओपरेटिव बैंक और प्राथमिक सोसाइटी से लिए गए कर्ज पर बैंक 60 दिन तक कोई ब्याज नहीं लेंगे।

नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने के बाद राष्ट्र के नाम संबोधन में की गई घोषणाओं में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सरकार सज्जनों की मित्र और दुर्जनों को सज्जनता के रास्ते पर लाने को तत्पर है। सरकार का प्रयास होगा कि ईमानदार अधिक प्रतिष्ठित हों, उन्हें कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़े।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को 10 साल के लिए 7.5 लाख रुपए तक की जमा पर आठ फीसद ब्याज की गारंटी होगी। ब्याज का भुगतान मासिक किया जाएगा। देश के 650 से ज्यादा जिलों में गर्भवती महिलाओं के खाते में आर्थिक सहायता के रूप में 6000 रुपए जमा किए जाएंगे ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं चिकित्सा खर्च वहन कर सकें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भ्रष्टाचार, कालाधन की बात आती है तो राजनेता, राजनीतिक दल और चुनाव में खर्च के बारे में चर्चा होती है। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि सभी दल देश के ईमानदार नागरिकों की भावनाओं का आदर करें, जनता के आक्रोश  को समझें। प्रधानमंत्री ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ कराने और बढ़ते चुनाव खर्च पर बहस की पेशकश की।

प्रधानमंत्री ने इस बात को स्वीकार किया कि कुछ लोगों ने गंभीर अपराध किए हैं। मोदी ने कहा,‘कुछ लोगों ने गंभीर अपराध किए हैं। कुछ बैंकों के और सरकारी अधिकारियों ने गंभीर अपराध किए हैं, अदातन फायदा उठाने का निर्लज्ज प्रयास किया है। उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि आलोचकों की ओर से रबी फसल में भारी नुकसान के पूर्वानुमान के बावजूद रबी फसल की बुआई में छह फीसद की बढ़ोतरी और खाद की बिक्री में नौ फीसद की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार छोटे व्यावसायियों के दो करोड़ रुपए तक के कर्ज की गारंटी लेगी। पहले यह सीमा एक करोड़ रुपए तक के कर्ज की थी। मोदी ने कहा कि सरकार ने बैंकों से छोटे व्यावसायियों के लिए नकद कर्ज सीमा को मौजूदा 20 फीसद से बढ़ाकर 25 फीसद करने को कहा है।

पांच सौ और 1000 रुपए के नोटों को अमान्य करने के कदम को ऐतिहासिक शुद्धि यज्ञ करार देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार, कालाधन और जाली मुद्रा ने आम आदमी को पंगु बना दिया है। देश के ईमानदार लोग घुटन महसूस कर रहे थे। भ्रष्टाचार, कालाधन, जालीनोट की बुराई के आगे लोग घुटने टेकने को मजबूर हो गए थे।

उनका मन इसे स्वीकार नहीं करता था। लेकिन परिस्थितियों के कारण उन्होंने इसे स्वीकार किया। मोदी ने कहा कि 125 करोड़ लोगों ने यह साबित कर दिया है कि नोटबंदी के बाद की कठिनाइयों के बावजूद लोगों ने अप्रतिम धैर्य, त्याग की पराकाष्ठा, संकल्प के साथ लड़ाई लड़ी और यह प्रदर्शित किया कि सच्चाई और ईमानदारी उनके लिए सबसे महत्त्वपूर्ण है। लोगों ने खून पसीने और कड़ी मेहनत से एक उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी है। काल के कपाल पर यह अंकित हो गया है।

नोटबंदी के कारण लोगों को हुई परेशानियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा,‘मुझे पता है कि लोगों को अपना पैसा निकालने के लिए कतारों में खड़े होना पड़ा लेकिन लोग भ्रष्टाचार, कालाधन और जाली मुद्रा के खिलाफ लड़ाई में एक कदम भी पीछे नहीं हटे।

भाषा की खबर के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते दिनों आपको अपना पैसा निकालने के लिए कष्ट उठाना पड़ा। अब प्रयास यह है कि बैंकों को सामान्य स्थिति की तरफ ले जाया जाए। सभी जिम्मेदार लोगों से कहा गया है कि बैंकिंग व्यवस्था को सामान्य बनाने पर ध्यान दें।

नोटबंदी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘ऐसा विश्व में तुलना करने के लिए कोई दूसरा उदाहरण नहीं है।’
मोदी ने कहा कि बीते कुछ सालों में 500 और 1000 रुपए के नोट सामान्य प्रचलन में कम और सामानांतर अर्थव्यवस्था में ज्यादा चल रहे थे। हमारे समकक्ष अर्थव्यवस्था वाले देशों में इतना कैश नहीं था।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘अर्थव्यवस्था में कैश का अभाव तकलीफदेह होता है। लेकिन यह न भूलें कि अधिक मात्रा में कैश और भी तकलीफदेह होता है। हमारा प्रयास है कि इसमें संतुलन बनाया जाए।’ मोदी ने कहा कि बैंकों से कहा गया है कि उनके पास जो बड़ी राशि आई है।

उनसे वे गरीबों, निम्न वर्ग और मध्य वर्ग को लक्षित योजनाओं पर ध्यान दें। मोदी ने कहा कि अवैध संपत्ति रखने वालों के खिलाफ कानून अपना काम करेगा। उन्होंने कहा कि बड़े नोटों को अमान्य करने के फैसले ने कालाधन, आतंक, मानव तस्करी और जाली मुद्र्रा को गहरे तक चोट पहुंचाई है।

 

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