झटका: दोगुना हुआ प्लेटफॉर्म टिकट का दाम, अब 10 की जगह 20 रुपए में मिलेगा

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रेलवे ने यात्रियों को छोड़ने जाने वाले परिजनों को झटका देते हुए स्टेशनों के प्लेटफार्म टिकट के दाम दोगुना कर दिए हैं। अब 20 सिंतबर 2017 से 31 अक्तूबर 2017 तक प्लेटफार्म टिकट 20 रुपए में मिलेंगे। अभी यह 10 रुपए में मिलता है। अधिकारियों के अनुसार, रेलवे और यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्लेटफार्म टिकटों के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे स्टेशन में अनावश्यक भीड़ कम होगी।सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस

रेलवे का कहना है कि त्योहारों के दौरान प्लेटफार्म पर अनावश्यक भीड़ बढ़ जाती है, एक-एक यात्री के साथ चार-चार परिजन उसे स्टेशन छोड़ने के लिए प्लेटफार्म पर पहुंच जाते हैं। इसलिए ऐसे लोगों पर लगाम लगाने एवं सुरक्षा की दृष्टि से प्लेटफार्म टिकट की दर में वृद्धि करने का फैसला किया गया है। फिलहाल, नया दर 20 सितंबर से 31 अक्तूबर 2017 तक के लिए लागू किया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों, गर्मियों व सर्दियों के दौरान भीड़ बढ़ने पर प्लेटफार्म टिकटों की बिक्री बंद कर दी जाती है, ताकि यात्रियों के अलावा अन्य लोग स्टेशन परिसर में प्रवेश न कर सकें। लेकिन इसका फायदा कई दलाल उठा रहे थे। अब आप अपने प्रियजनों को ट्रेन में बैठाने के लिए प्लेटफार्म तक जाना चाहते हैं तो इसके लिए 10 रुपये के बजाय 20 रुपये खर्च करने पड़ेंगे।

अब एक घंटा कम सो पाएंगे यात्री

ट्रेन में सफर करने के दौरान अक्सर सोने को लेकर आपने कई बार यात्रियों को आपस में लड़ते हुए देखे होंगे, इस झगड़े को कम करने के लिए रेलवे ने सोने के आधिकारिक समय में एक घंटे की कटौती कर दी है। रेलवे बोर्ड की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक आरक्षित कोचों के यात्री अब रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक ही सो सकते हैं, ताकि अन्य लोगों को सीट पर बाकी बचे घंटों में बैठने का मौका मिले। इससे पहले सोने का आधिकारिक समय रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक था।

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, 31 अगस्त को जारी सर्कुलर में कहा गया है कि आरक्षित कोचों में सोने की सुविधा रात में 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक है और बाकी बचे समय में दूसरे आरक्षित यात्री इस सीट पर बैठ सकते हैं। हालांकि सर्कुलर में कुछ निश्चित यात्रियों को छूट दी गई है।

इसमें कहा गया है कि यात्रियों से बीमार, दिव्यांग और गर्भवती महिला यात्रियों के मामले में सहयोग का आग्रह किया गया है, जिससे अगर वे चाहें तो अनुमति वाले समय से ज्यादा सो सकें। इस नए प्रावधान ने भारतीय रेलवे वाणिज्यिक नियमावली, खंड एक के पैराग्राफ 652 को हटा दिया है।

इससे पहले इस प्रावधान के अनुसार यात्री रात के 9 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक सो सकते थे। मंत्रालय के प्रवक्ता अनिल सक्सेना ने कहा कि हमें सोने के प्रबंध को लेकर यात्रियों की परेशानी के बारे में अधिकारियों से फीडबैक मिला था। हमारे पास पहले ही इसके लिए एक नियम है। हालांकि हम इसे स्पष्ट कर देना चाहते थे और सुनिश्चित करना चाहते थे कि इसका पालन हो।

 

 

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