मध्य प्रदेश में आज लगाए जा रहे हैं 6 करोड़ से ज्यादा पौधे, बन सकता है विश्व रिकार्ड

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मध्य प्रदेश में एक दिवसीय पौधारोपण कार्यक्रम के तहत गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड बनाने के लिये शिवराज सरकार ने नर्मदा नदी के तटों पर रविवार(2 जुलाई) को सुबह से 12 घंटे के अंदर छह करोड़ से ज्यादा पौधे लगाना शुरू कर दिया।पौधारोपण का यह कार्य सुबह सात से शुरू हुआ जो शाम सात बजे तक जारी रहा।

इन्हें मध्यप्रदेश में नर्मदा के दोनों तटों के किनारों और नदी के जलग्रहण क्षेत्र वाले कुल 24 जिलों में नर्मदा नदी के संरक्षण के लिए आज लगाया जा रहा है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अमरकंटक में नर्मदा मंदिर परिसर में पेड़ लगाकर वृक्षारोपण के इस महा अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रदेश में अब सार्वजनिक कार्यक्रमों की शुरूआत पौधा-रोपण एवं कन्या-पूजन से होगी।

इससे पहले चौहान ने अपनी पत्नी साधना सिंह के साथ अमरकंटक में मॉं नर्मदा के उदगम स्थल स्थित नर्मदा मंदिर में प्रात: कालीन आरती करने के बाद मां नर्मदा से प्रदेशवासियों पर कृपा बरसाने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि पूरा प्रदेश आज मां नर्मदा नदी को हरियाली चुनरी ओढ़ाने की प्रतिबद्धता पूरी कर रहा है।

प्रदेशवासी मॉं नर्मदा की पूजा-अर्चना कर स्व-प्रेरणा से पौधारोपण कर रहे हैं। पूरे प्रदेश में उत्साह का वातावरण है। बूढ़े, बच्चे, महिलाएॅं, युवा, विद्यार्थी, किसान, समाज सेवी, पत्रकार, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल सभी मिलकर पौधारोपण कर रहे हैं। चौहान ने कहा, यह विश्व में जन-सहभागिता तथा नदी संरक्षण का अद्वितीय उदाहरण है।

उन्होंने उपस्थित विशाल जन-समुदाय से कहा कि वृक्ष जीवन का अभिन्न अंग हैं। वृक्ष हमें प्राण-वायु प्रदान करते हैं। वृक्ष धरती के तापमान को नियंत्रित करते हैं। इसलिये प्रदेश के हर व्यक्ति को कम से कम एक पौधारोपण कर उसकी सुरक्षा की जिम्मेवारी लेनी होगी।

इस महावृक्षारोपण में लगभग दो दर्जन से ज्यादा किस्म के पौधे लगाये जायेंगे। इनमें फलदार और छायादार किस्मों में आम, ऑंवला, नीम, पीपल, बरगद, महुआ, जामुन, खमेर, शीशम, कदम, बेल, अर्जुन, बबूल, बॉंस, इमली, गूलर, खेर तथा कृषि वानिकी के अमरूद, संतरा, नींबू, कटहल, सीताफल, अनार, अचार, चीकू, बेर, मुनगा आदि के पौधों का रोपण कर गिनीज वि रिकार्ड बनाया जायेगा।

मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नर्मदा नदी की कुल लम्बाई 1312 किलोमीटर की है, जिसमें से मध्यप्रदेश में नर्मदा नदी की कुल लम्बाई 1079 किलोमीटर है। नर्मदा नदी का बेसिन 98,796 वर्ग किलोमीटर में फैला है। इसमें भी मध्यप्रदेश का हिस्सा 86.19 प्रतिशत अर्थात कुल 85,149 वर्ग किलोमीटर का है। नदी के जलग्रहण क्षेत्र वाले कुल 24 जिले मध्यप्रदेश में हैं।

उन्होंने कहा, नर्मदा नदी के कैचमेन्ट एरिया के इन्हीं 24 जिलों में प्रदेश में एक दिन में आज एक साथ 6 करोड़ 67 लाख 50 हजार पौधे लगाये जा रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक रोपण स्थल में रोपित किये गये पौधों के सत्यापन के लिये आवश्यक संख्या में शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों को तैनात किया गया है एवं रोपित पौधों की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है।

प्रत्येक रोपण स्थल में जीपीएस रीडिंग ली जा रही हैं ताकि रोपण स्थलों को पहचाना जा सके। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण की रोकथाम और जलवायु परिवर्तन जनित खबरों के प्रति मध्यप्रदेश की सरकार और समाज की यह पहल नर्मदा घाटी को उसका हरित और जैव विविधीय वैभव लौटाने का माध्यम बनने के साथ सच्चे अर्थों में नर्मदा को प्रदेश की जीवन-रेखा बनाएगा।

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