तेल की कीमतों में फिर लगी आग: दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 75.61 रुपये प्रति लीटर, डीजल ने भी तोड़ा रिकॉर्ड, अभी 4 रुपये और महंगा होने के आसार

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कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद से लगातार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। पेट्रोल और डीजल के दाम में शुक्रवार (18 मई) को भी बढ़ोत्तरी का दौर जारी रहा। शुक्रवार को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 29 पैसे की वृद्धि के साथ 75.32 रूपये से बढ़कर 75 रूपये 61 पैसे हो गई। ये कीमत 5 साल के ऊंचे स्तर पर है। वहीं डीजल में भी प्रति लीटर कीमत में बढ़ोत्तरी जारी है। डीजल की कीमत 67 रूपये के आंकड़े को पार करते हुए 67.08 रूपये पर पहुंच गया है।

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प्रतीकात्मक फोटो

इसी तरह मुंबई में पेट्रोल 83.45 रुपए प्रति लीटर हो गया। मुंबई में डीजल के भाव 71.42 रुपए लीटर हो गया। कोलकाता में भी पेट्रोल के भाव 78.29 रुपए प्रति लीटर और डीजल 69.63 रुपए लीटर हो गए। जबकि चेन्नई में शुक्रवार को पेट्रोल 78.46 रुपए लीटर और डीजल 70.80 रुपए प्रति लीटर मिल रहा था। अगर बीते कुछ दिनों की बात की जाए तो करीब 20 दिन पेट्रोल की कीमतें देशभर में अपरिवर्तित रही हैं।

इससे पहले दिल्ली में पेट्रोल गुरुवार को 75.32 रुपये प्रति लीटर हो गया जोकि तकरीबन पांच साल का उच्चतम स्तर है। इससे पहले दिल्ली में पेट्रोल सितंबर 2013 में 76.06 रुपये प्रति लीटर था। दिल्ली ही नहीं देश के अन्य हिस्सों में भी पेट्रोल और डीजल के दाम में इजाफा हुआ है। कोलकाता में गुरुवार को पेट्रोल 78.01 रुपये प्रति लीटर, मुंबई में 83.16 रुपये प्रति लीटर और चेन्नई में 78.16 रुपये प्रति लीटर हो गया।

वहीं, डीजल दिल्ली में 66.79 रुपये प्रति लीटर, कोलकाता में 69.33 रुपये प्रति लीटर, मुंबई में 71.12 रुपये प्रति लीटर और चेन्नई में 70.49 रुपये प्रति लीटर हो गया। डीजल की कीमतें प्रमुख शहरों में अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई हैं।इंडियन ऑयल कॉरपोरेश की ओर से पिछले पांच दिनों से लगातार तेल के दाम में बढ़ोतरी की जा रही है। इससे पहले तेल विपणन कंपनी ने 19 दिनों तक तेल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया था।

तेल के दाम में इजाफा होने का प्रमुख कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में आई तेजी है। अंतराष्ट्रीय वायदा बाजार आईसीई पर ब्रेंट क्रूड में गुरुवार को 80 डॉलर प्रति बैरल तक का उछाल आया। ऊर्जा विशेषज्ञ नरेंद्र तनेजा ने पिछले सप्ताह बातचीत में कच्चे तेल का भाव अगले दो महीने 70-80 डॉलर रहने की उम्मीद जताई थी। कच्चे तेल का भाव अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इस समय तकरीबन साढ़े तीन साल के उच्चतम स्तर पर है।

एक बार फिर बेकाबू हो सकती हैं कीमतें 

इस बीच मीडिया रिपोर्ट पेट्रोल-डीजल की कीमतें एक बार फिर बेकाबू हो सकती हैं। तेल कंपनियां इस बार चार रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि कर सकती हैं। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के अनुसार, यदि सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियां कर्नाटक चुनाव से पहले का मार्जिन हासिल करना चाहती हैं तो उन्हें चार रुपये प्रति लीटर तक दाम बढ़ाने होंगे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें गुरुवार को 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं। नवंबर, 2014 के बाद यह उच्च स्तर है।

कर्नाटक में चुनाव के बाद से इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम ने सोमवार से कीमतें बढ़ानी शुरू कर दी हैं। इससे पहले 19 दिनों तक कीमतों को स्थिर रखा गया था। रिपोर्ट के अनुसार, तेल कंपनियों को डीजल के दाम साढ़े तीन से चार रुपये और पेट्रोल में 4 से 4.55 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी करनी होगी। तभी वे 2.7 रुपये प्रति लीटर का मार्जिन दोबारा हासिल कर सकेंगी। बढ़ोतरी का अनुमान रुपये और डॉलर की विनिमय दर स्थिर रहने पर भी आधारित है।

 

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