पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर लगी आग, दिल्ली में पेट्रोल 84 रुपये हुआ, मुंबई में पहली बार डीजल 80 के पार

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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला लगातार जारी है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 15 पैसे और डीजल की कीमत 20 पैसे प्रतिलीटर महंगा हुआ है। इसके साथ ही राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 84.00 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 75.45 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है। वहीं, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल 14 और डीजल 21 पैसे प्रतिलीटर महंगा हुआ है। इस बढ़ोत्तरी के साथ ही मुंबई में गुरुवार को पेट्रोल की कीमत 91.34 रुपए प्रति लीटर और डीजल 80.10 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है।

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प्रतीकात्मक फोटो

आपको बता दें कि एक दिन की राहत के बाद गुरुवार को फिर पेट्रोल और डीजल के दाम में वृद्धि दर्ज की गई है। अंतरार्ष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में आई तेजी की वजह से पेट्रोल और डीजल के दाम में इजाफा हो रहा है। हालांकि अंतरार्ष्ट्रीय बाजार में गुरुवार को कच्चे तेल की तेजी थम गई, लेकिन कीमतें अब भी तकरीबन चार साल के ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। तेल विपणन कंपनियों ने लगातार छह दिन के बाद बुधवार को डीजल और पेट्रोल के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं की थी।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, बाजार के जानकार बताते हैं कि कच्चे तेल के दाम में इस सप्ताह जोरदार उछाल आया है, जिससे आगे पेट्रोल और डीजल के दाम में और बढ़ोतरी हो सकती है। इंडियन ऑयल की वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में गुरुवार को पेट्रोल क्रमश: 84 रुपये, 85.80 रुपये, 91.34 रुपये और 87.33 रुपये प्रति लीटर था।

चारों महानगरों में गुरुवार को डीजल क्रमश: 75.45 रुपये, 77.30 रुपये, 80.10 रुपये और 79.79 रुपये प्रति लीटर हो गया। इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज यानी आईसीई पर बेंट क्रूड का नवंबर डिलीवरी वायदा गुरुवार को 0.14 फीसदी की नरमी के साथ 86.17 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था, जबकि पिछले सत्र में 86.74 डॉलर प्रति बैरल तक उछला जो पिछले चार साल का ऊंचा स्तर है।

न्यूयार्क मर्केंटाइल एक्सचेंज यानी नायमैक्स पर अमेरिकी लाइट क्रूड वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई का दिसंबर डिलीवरी वायदा अनुबंध 0.21 फीसदी की नरमी के साथ 76.25 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था। पिछले सत्र में 76.41 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था।

एंजेल ब्रोकिंग हाउस के ऊर्जा विशेषज्ञ अनुज गुप्ता ने कहा कि अमेरिका में कच्चे तेल का भंडार बढ़ने के साथ-साथ कथित तौर रूस और सऊदी अरब के बीच उत्पादन बढ़ाने के समझौते से अंतरार्ष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव ऊपरी स्तर से फिसला है।

जेटली ने प्रेट्रोलियम मंत्री से की मुलाकात

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से चिंतित सरकार इसके अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रतिकूल असर को रोकने के विकल्पों पर विचार कर रही है। इस संबंध में बुधवार शाम को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से मुलाकात की। ईंधन के बढ़ते दाम से किसानों की पहले से बदहाल स्थिति और खराब होने की आशंका है। विशेषकर रबी फसलों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ने का अनुमान है। डीजल अभी रिकॉर्ड उच्च कीमत पर बेचा जा रहा है। यह कृषि क्षेत्र में सर्वाधिक इस्तेमाल किया जाता है।

खेत जोतने के लिए ट्रैक्टर से लेकर सिंचाई के पंपसेट तक डीजल से ही चलते हैं। अत: डीजल के महंगा होने से किसानों पर इसका असर पड़ना अवश्यंभावी है। ऐसा माना जा रहा है कि दोनों मंत्रियों ने कच्चा तेल की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों तथा रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिरते जाने के प्रभावों को दूर करने पर चर्चा की। साथ ही सब्सिडी वाला घरेलू रसोई गैस सिलेंडर भी पहली बार 500 रुपये प्रति सिलिंडर को पार कर गया है।

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