प्रदूषण: ‘पवनहंस’ करेगा केजरीवाल सरकार की मदद, दिल्ली में कृत्रिम बारिश करने की दी सहमति

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए हेलिकॉप्टर से पानी की बौछार करने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस बीच दिल्ली में प्रदूषण जनित धुंध से निजात पाने के लिए हेलीकॉप्टर से कृत्रिम बारिश करने के केजरीवाल सरकार के प्रस्ताव पर हेलीकॉप्टर सेवा देने वाली कंपनी पवनहंस ने सहमित दे दी है।

PHOTO: TOI

केजरीवाल सरकार को कृत्रिम बारिश के लिये हेलीकॉप्टर मुहैया कराने में कोई मदद करने में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा असमर्थता जताने के बाद दिल्ली सरकार ने अपने स्तर पर पवन हंस से संपर्क किया था। कंपनी की ओर से सरकार को शुक्रवार (10 नवंबर) को भेजे जवाबी पत्र में इस काम को अंजाम देने पर सहमति जताई गई है।

न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, पवनहंस के महाप्रबंधक वी एच दोडिया ने दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन के निजी सचिव श्रवण बगड़िया को भेजे पत्र में कहा है कि दिल्ली में हेलीकॉटर द्वारा कृत्रिम बारिश के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनानी होगी।

साथ ही इस काम के लिए विमानपत्तन प्राधिकरण, नागरिक उड्ययन महानिदेशालय और रक्षा मंत्रालय सहित केंद्र और राज्य सरकार की तमाम एजेंसियों से पूर्व अनुमित लेनी होगी। इसकी पूरी कार्य योजना बनाने के लिए दोडिया ने दिल्ली सरकार और पवनहंस के अधिकारियों का संयुक्त कार्यदल बनाने की बात कही है। दिल्ली सरकार के सूत्रों ने बताया कि इस बाबत संयुक्त कार्यदल गठित कर दिया गया है जो इस परियोजना पर शनिवार से काम शुरु कर देगा।

गौरतलब है कि उल्लेखनीय है कि दिल्ली में प्रदूषण के गहराए संकट से निजात दिलाने के लिए केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा गठित समिति ने गुरुवार को अपनी पहली बैठक में ही कृत्रिम बारिश कराने की केजरीवाल सरकार की पहल पर कोई मदद नहीं किये जा सकने की बात कही थी।

हुसैन ने हाल ही में डा. हर्षवर्धन को पत्र लिखकर कृत्रिम बारिश कराने के लिए केंद्र सरकार से हेलीकॉप्टर मुहैया कराने में मदद करने का आह्वान किया था। दिल्ली सरकार ने इस काम पर खर्च होने वाली राशि का वहन राज्य सरकार द्वारा करने की पहल करते हुए केंद्र सरकार से रक्षा मंत्रालय या उड्डयन मंत्रालय से हेलीकॉप्टर मुहैया कराने में मदद की अपील की थी।

समझा जाता है कि केंद्रीय समिति ने दिल्ली सरकार की इस कवायद में पयावरण मंत्रालय द्वारा कोई मदद कर पाने में असमर्थता जताते हुए कहा है कि राज्य सरकार यदि चाहे तो अपने स्तर पर यह काम कर सकती है। इसके बाद ही दिल्ली सरकार ने पवन हंस से इस बाबत गुरुवार को ही संपर्क किया था।

 

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