गुजरात विधानसभा चुनाव: जूनागढ़ में वोट देने पहुंचीं BJP नेता रेशमा पटेल को झेलना पड़ा पाटीदारों का विरोध

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गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 89 सीटों के लिए मतदान जारी है। वोटिंग सुबह 8 बजे से शुरू हुआ है, जो और शाम पांच बजे तक चलेगा। सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के 19 जिलों में 89 सीटों पर पहले चरण में मतदान हो रहा है। इसके लिए कुल 977 उम्मीदवार मैदान में हैं। सुबह 10 बजे तक 9.77 फीसदी मतदान हुआ है। मतदाताओं में जबर्दस्त उत्साह देखा जा रहा है।इस बीच जूनागढ़ में वोट देने पहुंचीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता रेशमा पटेल को पाटीदारों के विरोध का सामना करना पड़ा। जैसे ही पटेल मतदान केंद्र पहुंची वहां मौजूद पाटीदार मतदाताओं ने उनके खिलाफ नारे लगाने लगे। बता दें कि पिछले दिनों रेशमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पाटीदारों के नेता हार्दिक पटेल पर टिकट की सौदेबाजी का आरोप लगाते हुए पाटीदार आंदोलन छोड़ बीजेपी में शामिल हो गईं थीं।

इस साल अक्टूबर तक रेशमा हार्दिक पटेल की काफी करीबी मानी जाती थीं जो सरकार से पाटीदार समुदाय के लिए सरकारी नौकरी और कॉलेजों में आरक्षण की मांग कर रहे हैं। पति से अलग होकर जुड़वा बच्चों संग रहने वाली रेशमा खुद को ‘अनाथ’ बताती हैं। इस साल अक्टूबर तक रेशमा, हार्दिक पटेल की काफी करीबी मानी जाती थीं जो सरकार से पाटीदार समुदाय के लिए सरकारी नौकरी और कॉलेजों में आरक्षण की मांग कर रहे हैं।

गुजरात में कड़े मुकाबले वाले दूसरे चरण के लिए मतदान 14 दिसंबर को होगा, जबकि मतगणना 18 दिसंबर को होगी। इन चुनावों के जरिए बीजेपी जहां पांचवी बार सत्ता के गलियारों में वापसी की उम्मीद लगाए है, वहीं कांग्रेस इस चुनाव को अपना खोया आधार वापस पाने के मौके के तौर पर देख रही है। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक कुल 24,689 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

आज जिन सीटों पर चुनाव हो रहा है वहां 2,12,31,652 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदाताओं में 1,11,05,933 पुरुष 1,01,25,472 महिलाएं शामिल हैं। जबकि 247 मतदाता किन्नर (थर्ड जेंडर) हैं। बता दें कि गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार शुक्रवार (7 दिसंबर) शाम समाप्त हो गया।

मुख्य प्रतिद्वंदी बीजेपी और कांग्रेस ने चुनाव प्रचार के दौरान जाति, धर्म जैसे भावनात्मक मुद्दों और विकास सहित तमाम विषयों पर एक दूसरे को घेरा। चुनाव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बताया जा रहा है, जबकि जल्द ही कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने जा रहे राहुल गांधी के लिए यह एक अग्निपरीक्षा है।

 

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