पठानकोट आतंकी हमले पर पाकिस्तान के दोहरे चेहरे का पर्दाफाश

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राजस्थान के पाली जिले के आई.टी प्रोफेशनल निलेश पुरोहित ने पठानकोट हमले में पाकिस्तान सरकार और उसकी जोइंट इन्वेस्टिगेशन टीम के रुख में दोहरा चरित्र और झूठ का पर्दाफाश
करने का दावा किया हैं ।

निलेश का दावा हैं की पाकिस्तान की मोबाईल ऑपरेटर कंपनी “मोबिलिंक” ने जनवरी महीने में ही लिखित रूप से स्वीकार कर लिया था की पठानकोट हमलों के आतंकियों द्वारा उपयोग किये गए नंबर उसी कंपनी के हैं, यानी वह नम्बर्स पाकिस्तान में रजिस्टर्ड हैं जिसपर आतंकियों ने अपनी माँ और हैण्डलर्स से बातचीत की थी।

जनता का रिपोर्टर से फोन पर हुई बातचीत में निलेश ने बताया कि पिछले वर्ष 2015 से वह अपने शहर में कई लोगों को अज्ञात विदेशी नंबर से आ रही कॉल्स पर अपने निजी स्तर पर तहकीकात कर रहे थे।

उन्होंने कहा, “पाली में कई लोगों को भारत एवं पाकिस्तान के अलावा अफ्रीकी देशों के नंबर से कॉल्स आते हैं, कुछ केस में कॉलर के पास रिसीवर की बैंक की सारी डिटेल्स होती हैं एवं वह अकाउंट सीज़ करने की बात कहकर एटीएम पिन पूछता हैं।

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“अज्ञानता में कुछ लोगों ने पिन दे दिए एवं उनके बैंक अकाउंट से हैकर ने पैसे चुरा लिए। पिन न देने पर कॉलर गली गलौज तक करता हैं। मैंने एक केस की तहकीकात की जिसमे उनके परिचित को +923312316540 से रात के समय दो मिस्ड कॉल्स आई थी। जांच में वह नंबर पाकिस्तान की यूफोन कंपनी का निकला था, पठानकोट हमलों के बाद टाईम्स ऑफ इंडिया में 8 जनवरी को छपी एक रिपोर्ट में पाठनकोट हमलों के दौरान आतंकियों द्वारा उपयोग किये गए दो नंबर +9230005977212 और +923017775253 के बारे में बताया गया था, उस रिपोर्ट को पढने के बाद उन्हें ध्यान आया की पाली शहर में भी उन नंबरों की मिलती जुलती सीरीज के नंबरों से कॉल आ रहे थे.”
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नीलेश का कहना है कि उन्होंने पठानकोट में पकडे गए नंबरों की पड़ताल की एवं पाया कि वह दोनों नंबर पाकिस्तान की सर्विस ऑपरेटर कंपनी “मोबिलिंक” के हैं।
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उन्होंने कहा , “मैंने कंपनी की ऑफिशियल वेबसाईट
http://www.mobilink.com.pk पर मौजूद ऑनलाइन कस्टमर सर्विस चैटिंग ऑप्शन के माध्यम कंपनी से संपर्क किया, यह घटना 11 जनवरी के शाम 5:45 बजे की हैं, कंपनी के कस्टमर सर्विस अधिकारी अब्दुल बासित ऑनलाइन चैट पर थे, उनसे पाठनकोट हमलों के दौरान आतंकियों द्वारा उपयोग किये गए दो नंबर +9230005977212 और +923017775253 के बारे में पूछा

‘क्या यह नंबर मोबिलिंक के हैं ?’

इस पर उन्होंने माना कि +9230005977212 और +923017775253 नंबर उनकी कंपनी का ही हैं और +9230005977212 वाला नंबर उन्होंने हाल ही मैं सस्पेंड कर दिया हैं। ”

ऐसे में बड़ा सवाल उठता हैं की जब पाकिस्तानी मोबाईल ऑपरेटर सर्विस कंपनी लिखित तौर पर यह कह रही हैं कि +9230005977212 और +923017775253 नंबर पाकिस्तान के हैं और उसी कंपनी के हैं तो फिर पाकिस्तान की जांच एजेंसी सरकार से आखिर कैसे कह सकती हैं कि वह नंबर पाकिस्तान में रजिस्टर्ड ही नहीं, कंपनी के स्वीकार करने से स्पष्ट हो जाता हैं की आतंकियों का पाकिस्तान से कनेक्शन था।
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पाकिस्तानी मिडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ पठानकोट हमलों पर पाकिस्तान में जांच कर रही कमेटी ने कहा की हैं पठानकोट हमलों पर जेआईटी की रिपोर्ट में कहा गया हैं की पठानकोट हमलों में आतंकियों के पाकिस्तान से कनेक्शन के कोई सबूत नहीं, यह भारत का ड्रामा हैं।

निलेश ने बताया की उन्होंने यह सारा मामला एनआईए को इमेल से भेजा था, इसके अलावा पाली शहर के एडिशनल एसपी जयपाल सिंह यादव से भी मिलकर कंपनी का लिखित में स्वीकारनामा सौंपा था। इसके अलावा उन्होंने सभी सबूत एवं दस्तावेज़ गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, NIA और प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज दिए थे।

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