आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा दिए जाने के मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा, लोकसभा की कार्यवाही 5 मार्च तक स्थगित

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आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के सहयोगी दल तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के सदस्यों ने शुक्रवार (9 फरवरी) को राज्यसभा में जमकर नारेबाजी और शोरगुल किया।

(PTI Photo)

समाचार एजेंसी वार्ता के मुताबिक, आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर तेलुगु देशम पार्टी के सदस्यों और कांग्रेस के के वी पी रामचंद्रराव ने राज्यसभा में हंगामा जारी रखा, जिसके कारण सभापति को सदन की कार्यवाही दूसरी बार भोजनकाल तक स्थगित करनी पड़ी और बजट पर चर्चा नहीं हो सकी। इससे पहले सुबह भी इन सदस्यों के हंगामे के कारण कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी थी।

सभापति एम वेंकैया नायडू ने बारह बजे जैसे ही कार्यवाही शुरू करनी चाही तेदेपा के सी एम रमेश और अन्य सदस्य आसन के निकट आकर नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस के राव भी पोस्टर लेकर आसन के निकट खड़े हो गए। ये आन्ध्र प्रदेश के साथ न्याय और सरकार से अपना वादा करने की मांग कर रहे थे। इस बीच तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि प्रश्नकाल रोककर सदन में बजट पर चर्चा शुरू की जानी चाहिए। कांग्रेस के आनंद शर्मा ने भी इसका समर्थन किया.

इस बीच कांग्रेस की रेणुका चौधरी और कुमारी शैलजा के साथ अन्य सदस्य भी अपनी जगहों पर खड़े हो गए। चौधरी ने अपने नोटिस का मुद्दा उठाया, हालांकि शोरगुल में यह नहीं सुना जा सका कि वह क्या मुद्दा उठाना चाहती थी। नायडू ने सदस्यों से शांत होने और अपनी जगहों पर लौटने के लिए कहा जिससे कि बजट पर चर्चा शुरू हो सके। उन्होंने समाजवादी पार्टी के नीरज शेखर से चर्चा शुरू करने को कहा लेकिन सदस्यों की नारेबाजी के कारण वह बोल नहीं पा रहे थे। इस बीच सदन में अव्यवस्था देख नायडू ने सदन की कार्यवाही दोपहर ढाई बजे तक स्थगित कर दी।

इस पर सपा और तृणमूल कांग्रेस के सदस्य यह कहते हुए नाराजगी व्यक्त करते सुनाई दिये कि कार्यवाही नहीं चलने से वह बजट पर चर्चा में अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं। काफी सदस्य कार्यवाही स्थगित होने के बाद भी सदन में ही बैठे इस मुद्दे पर बात करते रहे। इससे पहले सुबह भी इसी मुद्दे पर सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी जिससे शून्यकाल नहीं हो सका।

लोकसभा की कार्यवाही 5 मार्च तक स्थगित

कांग्रेस, वाईएसआर कांग्रेस और सत्तारूढ़ राजग के घटक दल तेलुगुदेशम पार्टी (तेदेपा) के जोरदार हंगामे के कारण लोकसभा में शुक्रवार को कोई कामकाज नहीं हो सकता और एक बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही पांच मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई। एक बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही 12 बजे दोबारा शुरू होते ही कांग्रेस के सदस्य अपनी सीटों पर खड़े होकर जोर-जोर से नारेबाजी करने लगे। वे ‘राफेल की कीमत बताओ‘, ‘प्रधानमंत्री जवाब दो’ और ‘हमें न्याय चाहिए’ जैसे नारे लगा रहे थे।

उधर तेदेपा के सदस्य हाथों में तख्तियां लेकर अध्यक्ष के आसन के समीप पहुंच गये और आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग के समर्थन में नारेबाजी करने लगे। वाईएसआर कांग्रेस के सदस्य भी नारेबाजी में शामिल थे, जबकि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सभी सदस्य अपनी सीट पर खड़े नजर आए। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने हंगामे के बीच ही सदन पटल पर जरूरी दस्तावेज रखवाये और इसके बाद सदन की कार्यवाही पांच मार्च तक के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले हंगामे के कारण प्रश्नकाल भी नहीं हुआ था। पूर्वाह्न 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, अध्यक्ष ने प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा की और अन्नाद्रमुक के सांसद आर. गोपालकृष्णन के सवाल पर महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने जवाब देना शुरू किया। इसी बीच तेदेपा और वाईएसआर कांग्रेस के सदस्यों ने हाथों में पोस्टर लेकर सदन में प्रवेश किया और आसन के इर्द-गिर्द आकर नारेबाजी शुरू कर दी।

तभी पीछे की सीट पर तेदेपा के सदस्य एन शिवप्रसाद ने अपने सिर पर नकली बाल लगाये और आसन की ओर बढ़े. उनके चेहरे पर भी टीका और पाउडर लगा था। अध्यक्ष ने दोनों पार्टियों के सांसदों को बार-बार अपनी सीट पर जाने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने नारेबाजी और ते कर दी। इस पर महाजन ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी थी। बता दें कि 29 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण से शुरू हुए बजट सत्र के पहले चरण का शुक्रवार को अंतिम दिन था। सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत पांच मार्च से होनी है।

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