नए तथ्यों ने अमिताभ बच्चन के दावों को ग़लत साबित किया, फ़ोन के ज़रिये विदेश में बनी कंपनियों की बोर्ड मीटिंग में हुए थे शामिल

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अमिताभ बच्चन बतौर डायरेक्टर दो कंपनियों की बोर्ड मीटिंग्स में टेलिफोन काॅन्फ्रेंस के जरिए शामिल हुए थे। जनसत्ता की खबर के अनुसार मोसेक फोंसेका के दस्तावेज से पता चलता है कि बच्चन 1993 में टैक्स हैवेन समझे जाने वाले देशों में बनी चार कंपनियों के डायरेक्टर या मैनेजिंग डायरेक्‍टर नियुक्त किए गए थे।

एक्टर अमिताभ बच्चन 1993 से 1997 के बीच टैक्स हैवेन समझे जाने वाले देशों में चार कंपनियों के डायरेक्टर थे। रिपोर्ट के सामने आने के बाद बच्‍चन ने शुरुआत में द इंडियन एक्‍सप्रेस के ईमेल्‍स और फोन कॉल्‍स का जवाब नहीं दिया। बाद में बयान जारी करके कहा कि वे इनमें से किसी कंपनी के बारे में नहीं जानते।

उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी भी कंपनी के डायरेक्टर नहीं रहे और मुमकिन है कि उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया गया हो। अब जो नए रिकॉर्ड्स मिले हैं, वे बच्चन के दावे के बिलकुल उलट हैं। अब इससे जाहिर होता है कि अमिताभ बच्चन झूठ बोल रहे थे। क्योंकि पेपर्स की रिर्पोट सामने आने पर उनका बयान गलत साबित हो गया है जिसमें उन्होंने दावा किया था कि वे किसी कंपनी के बारे में नहीं जानत है, हो सकता है कि उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया गया हो।

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पनामा पेपर्स ने पूरी दुनिया के साथ भारत में भी तहलका मचा कर रख दिया है। पनामा पेपर्स के नाम से लीक हुए दस्तावेजों में जो नाम आया है, उससे हगंमा मच गया है। इन दस्तावेजों में करीब 500 भारतीयों का नाम है, जिसमें राजनीतिक हस्तियों से लेकर फिल्मी सितारे और खिलाड़ियों का भी अपराधिक चिट्ठा शामिल है। पनामा मध्य अमेरिका का एक देश है जहां मोजैक फोंसेका नामक एक फर्म है जो निवेशकों को कर बचाने, काला धन को सफेद करने और अन्य दूसरे कामों के जुड़े लोगों की सहयता करता है, उसका काम करता है।

अब खबर के सामने आने पर रिकॉर्ड्स से पता चलता है कि बच्चन बतौर डायरेक्टर इन कंपनियों में से दो की बोर्ड मीटिंग्स में ‘कॉन्फ्रेंस टेलिफोन’ के जरिए शामिल हुए थे। बहामास की ट्रंप शिपिंग लिमिटेड और ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड की सी बल्क शिपिंग कंपनी लिमिटेड की ये मीटिंग 12 दिसंबर 1994 को रखी गई थी। इन बैठकों के लिए वेन्यू का पता था,“38/39, The Esplanade, St Helier, Jersey, Channel Islands, JE4 8SD” दोनों कंपनियों की ओर से जारी सर्टिफिकेट ऑफ इनकम्बेंसी में भी बच्चन का नाम डायरेक्टर और कंपनी के पदाधिकारी के तौर पर दर्ज है। ये रिकॉर्ड्स जेद्दा की एक इन्वेस्टमेंट कंपनी से लिए 1.75 मिलियन डॉलर के लोन से जुड़े हैं। इसका जिक्र मोसेक फोंसेका के दस्तावेज में भी है, जिसकी जांच द इंडियन एक्सप्रेस ने की थी।

बता दें कि द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मोसेक फोंसेका के दस्‍तावेज से पता चलता है कि बच्चन 1993 में टैक्स हैवेन समझे जाने वाले देशों में बनी चार कंपनियों के डायरेक्टर या मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किए गए थे। ये कंपनियां थीं-सी बल्क शिपिंग कंपनी लिमिटेड, लेडी शिपिंग लिमिटेड, ट्रेजर शिपिंग लिमिटेड और ट्रंप शिपिंग लिमिटेड।

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