एक साल में 430 बार पाकिस्तान कर चुका है संघर्ष विराम का उल्लंघन

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सरकार ने आज बताया कि पिछले साल 25 नवंबर से इस साल 26 नवंबर तक पाकिस्तान की ओर से नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संघर्षविराम उल्लंघन के 430 मामले हुए हैं जिनमें सेना के आठ सैनिक शहीद हुए और 74 घायल हुए हैं।

रक्षा राज्य मंत्री डॉ सुभाष भामरे ने आज राज्यसभा को बताया कि पिछले साल 25 नवंबर से इस साल 26 नवंबर तक पाकिस्तान की ओर नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर उस हिस्से में संघर्ष विराम के 216 मामले हुए जिसकी निगरानी सेना करती है।

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इसी अवधि में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर उस हिस्से में सीमा पार से संघर्षविराम उल्लंघन के 214 मामले हुए जिसकी निगरानी बीएसएफ करती है।

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उन्होंने बताया कि संघर्षविराम उल्लंघन के इन मामलों के दौरान सेना के आठ सैनिक शहीद हुए और 74 घायल हुए हैं। इसके अलावा सात नवंबर 2016 तक 111 मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। भामरे ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के पास रहने वाले लोगों का संघर्षविराम उल्लंघन के कारण कोई स्थायी विस्थापन नहीं हुआ है।

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लेकिन वर्ष 2016 में पाक अधिकृत कश्मीर में लक्षित हमले के बाद जम्मू डिवीजन में 27,449 लोगों को उनके गांवों से हटाया गया था।

भाषा की खबर के अनुसार, उन्होंने बताया कि संघर्षविराम उललंघन के मामलों में आवश्यकतानुसार उचित जवाबी कार्रवाई की गई है। इस मुद्दे को हॉटलाइनों, फ्लैग बैठकों और भारत तथा पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच साप्ताहिक बातचीत जैसे स्थापित तंत्रों के जरिये उचित स्तर पर उठाया जाता है।
भामरे ने यह भी बताया कि सीमा पार से गोलीबारी की घटनाओं की ग्रामीणों को तत्काल सूचना देने के लिए सीमा चौकियों और सीमावर्ती क्षेत्रों में तंत्र स्थापित किए गए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए बुलेटप्रूफ बंकर बनाए गए हैं। साथ ही एंबुलेन्सों को भी तैयार रखा जाता है।

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