‘पद्मावती’ विवाद पर उपराष्‍ट्रपति बोले- हिंसक धमकियां लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं

0

करणी सेना समेत कई संगठन द्वारा विरोध प्रदर्शन के बाद संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ की रिलीज डेट भले ही टल गई है। लोकिन, इस फिल्म को लेकर चल रहा विवाद खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। इसी बीच, फिल्म ‘पद्मावती’ को लेकर जारी विवाद के बीच उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा है कि हिंसक धमकियां देना और किसी को शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाने के लिए इनाम की घोषणा करना लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है।

venkaiah
file photo

हालांकि साफ तौर पर उन्होंने इस विवाद का जिक्र नहीं किया, लेकिन सामान्य तौर से फिल्मों और कला का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने देश में कानून के राज के उल्लंघन के खिलाफ चेतावनी दी। न्यूज़ एजेंसी भाषा की ख़बर के मुताबिक, एक साहित्य समारोह में नायडू ने कहा कि अभी कुछ फिल्मों को लेकर नई समस्या पैदा हो गई है, जहां कुछ लोगों को लगता है कि उन्होंने कुछ धर्मों या समुदायों की भावनाओं को आहत किया है और इस वजह से प्रदर्शन हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने के दौरान कुछ लोग अतिरेक में बह जाते हैं और इनाम की घोषणा कर देते हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘इन लोगों के पास इतना धन है भी या नहीं, मुझे संदेह है। सभी एक करोड़ रुपये इनाम की घोषणा कर रहे हैं। क्या एक करोड़ रुपये उपलब्ध होना इतना आसान है?’ उन्होंने कहा, ‘लोकतंत्र में यह स्वीकार्य नहीं है।

आपको लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, सक्षम प्राधिकार के पास जाएं आप शारीरिक अवरोध पैदा नहीं कर सकते और हिंसक धमकियां नहीं दे सकते, कानून के शासन का उल्लंघन ना करें।’

इस पर जोर देते हुए कि वह किसी फिल्म विशेष के संबंध में नहीं बल्कि सभी फिल्मों और कलाओं के बारे में बात कर रहे हैं नायडू ने पहले प्रतिबंधित फिल्मों जैसे ‘गर्म हवा’, ‘किस्सा कुर्सी का’ और ‘आंधी’ का हवाला दिया।

उनकी टिप्पणी वर्तमान परिस्थितियों में काफी महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि फिल्मकार संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ में ऐतिहासिक तथ्यों के साथ कथित छेड़खानी के आरोपों को लेकर बहुत विवाद चल रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि पिछले काफी समय से फिल्म ‘पद्मावती’ के विषय के कारण कुछ समूह इसका विरोध कर रहे हैं। खासकर राजपूत मुख्य रूप से दावा कर रहे हैं कि फिल्म इतिहास को बिगाड़ रही है और रानी पद्मावती का गलत चित्रण कर रही है। बीजेपी और कुछ दूसरे संगठनों ने भी भंसाली की इस फिल्म का विरोध किया है।

करणी सेना का आरोप है कि फिल्म में दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मावती के बीच रोमांस को दिखाया गया है, जो इतिहास के साथ छेड़छाड़ है।

बता दें कि, यह फिल्म पहले 1 दिसंबर को रिलीज होने वाली थी। लेकिन, हाल ही में विवादों के चलते ‘पद्मावती’ के निर्माताओं ने फिल्म की रिलीज की तारीख टाल दिया है। फिल्म को अभी तक सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट भी नहीं मिला है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here