पद्मावती विवाद: योगी के बाद अब वसुंधरा राजे ने स्मृति ईरानी को लिखी चिट्ठी, कहा- बदलाव के बाद रिलीज हो फिल्म

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संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित फिल्म ‘पद्मावती’ 1 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। लेकिन, फिल्म को लेकर विवाद दिनों-दिन बढ़ता ही जा रहा है। ‘पद्मावती’ की रिलीज को लेकर चल रहे विवाद और सस्पेंस के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद अब राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा है।

File Photo: The Indian Express

सीएम राजे ने सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति इरानी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि ‘पद्मावती’ फिल्म तब तक रिलीज न हो जब तक इसमें आवश्यक बदलाव नहीं कर दिये जाएं, ताकि किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।

न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि इस संबंध में सेंसर बोर्ड को भी फिल्म प्रमाणित करने से पहले इसके सभी संभावित नतीजों पर विचार करना चाहिए। राजे ने खत में लिखा है कि प्रसिद्ध इतिहासकारों, फिल्मी हस्तियों और पीड़ित समुदाय के सदस्यों की एक समिति गठित की जाए, जो इस फिल्म तथा इसकी स्क्रिप्ट पर विस्तार से विचार-विमर्श करे।

राजे ने पत्र में लिखा है कि विचार-विमर्श के बाद ऐसे आवश्यक परिवर्तन किए जाएं, जिससे किसी भी समाज की भावनाओं को आघात न पहुंचे। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माताओं को अपनी समझ के अनुसार फिल्म बनाने का अधिकार है लेकिन कानून व्यवस्था, नैतिकता और नागरिकों की भावनाओं को ठेस पहुंचने की स्थिति में मौलिक अधिकारों पर भी तर्क के आधार पर नियंत्रण रखने का प्रावधान भारत के संविधान में है। ऐसे में पद्मावती फिल्म की रिलीज पर पुनर्विचार किया जाए।

इस बीच मेवाड़ के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से शनिवार को भेंटकर फिल्म पद्मावती को लेकर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री को पत्र लिखने के लिए उनका आभार जताया है। राजस्थान में राजपूत करणी सेना फिल्म के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन कर रही है। इसके अलावा गुजरात और यूपी से भी विरोध देखने को मिला है।

CM योगी ने भी शांति को बताया था खतरा

इससे पहले यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने भी मौजूदा हालात में फिल्म के रिलीज होने को राज्य की शांति व्यवस्था के लिए खतरा बताया था। राज्य के गृह विभाग ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण सचिव को पत्र लिखकर राज्य में फिल्म की रिलीज को टालने की अपील की थी।

पत्र में फिल्म की कहानी और ऐतिहासिक तथ्यों को कथित रूप से तोड़-मरोड़ कर पेश किए जाने की बात कहते हुए इस संबंध में केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) को अवगत कराने का अनुरोध किया गया है। इंटेलिजेंस रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रमुख सचिव गृह ने अवगत कराया है कि 1 दिसम्बर, 2017 को निर्माता, निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती का देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होना प्रस्तावित है।

9 अक्टूबर, 2017 को इस फिल्म के ट्रेलर के लॉन्च होने के बाद से ही कई सामाजिक, सांस्कृतिक और अन्य संगठनों ने इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। कुछ राजपूत संगठनों ने भंसाली पर इतिहास को तोड़-मरोड़ कर परोसने और हिंदू भावनाओं को भड़काने का आरोप लगाया है।

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