‘पद्मावत’ विवाद: ‘अपने गांव में कब्र खुदवा ली है, संजय लीला भंसाली और दीपिका पादुकोण को जिंदा दफनाएंगे’

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सुप्रीम कोर्ट ने संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म ‘पद्मावत’ की 25 जनवरी को देश भर में रिलीज का रास्ता साफ कर दिया है। शीर्ष न्यायालय ने बीजेपी शासित राज्य राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और मध्य प्रदेश सरकारों की ओर से इन राज्यों में फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने वाली अधिसूचनाओं और आदेशों पर गुरुवार (18 जनवरी) को रोक लगा दी। अब यह फिल्म 25 जनवरी को देश भर के सभी राज्यों में रिलीज होगी।

Photo: The Financial Express

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र, एएम खानविलकर तथा डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि कानून व्यवस्था कायम रखना राज्यों का दायित्व है। हम निर्देश देते हैं कि फिल्म पर पाबंदी लगाने वाले आदेशों के क्रियान्वयन पर रोक रहेगी। पीठ ने कहा कि ऐसी अधिसूचना या आदेश जारी करने से हम अन्य राज्यों को भी रोक रहे हैं। राज्यों द्वारा फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने वाले अधिसूचना के विरोध में निर्माताओं ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट द्वारा ‘पद्मावत’ को रिलीज की हरी झंडी दिए जाने के बाद भी फिल्म को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। फिल्म पर बैन लगाने वाली बीजेपी की राज्य सरकारें अब भी इस मामले को अपने हाथ से जाने देने के लिए तैयार नहीं हैं। राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश की सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने कहा है कि अभी सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि इस मामले में फिर से अपील करने के रास्ते तलाशे जाएंगे।

राजपूत नेता ने दीपिका-भंसाली को दफनाने का किया ऐलान

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से नाराज करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार (18 जनवरी) को बिहार में मुजफ्फरपुर के एक सिनेमा हॉल में तोड़फोड़ की। प्रदर्शनकारियों ने पोस्टर तक फाड़ डाले। राजपूत संगठनों का कहना है कि वे अपने फैसले पर अडिग हैं तथा कानून व्यवस्था संभालने का जिम्मा सरकार का है। इस बीच इस बीच उत्तर प्रदेश का एक कथित राजपूत नेता ने अपने गांव में ‘पद्मावत’ फिल्म की अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और निर्देशक संजय लीला भंसाली के लिए कब्र बनाने और उन्हें दफनाने तक का ऐलान कर दिया है।

दरअसल, ABP न्यूज चैनल के लाइव डिबेट में मेरठ के स्थानीय कथित राजपूत नेता अभिषेक सोम ने संजय लीला भंसाली की हत्या तक करने की धमकी दी। डिबेट का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कथित क्षत्रिय युवा महासभा का अध्यक्ष अभिषेक सोम कह रहा है कि मेरठ में स्थित अपने पैतृक गांव कालंदी में उसने भंसाली और दीपिका पादुकोण की कब्रें खुदवा ली हैं। उन कब्रों में उन्हें जिंदा दफनाएगा या मुर्दा दफनाएगा। इस वीडियो को वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर कर सोम के खिलाफ सीएम योगी से कार्रवाई की मांग की है।

करणी सेना का विरोध जारी

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद करणी सेना अपने पुराने रुख पर कायम है। राजपूत करणी सेना के चीफ लोकेंद्र सिंह कल्वी ने गुरुवार को कहा कि वह पूरे देश के सामाजिक संगठनों से अपील कर रहे हैं कि पद्मावत नहीं चलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता फिल्म हॉल पर कर्फ्यू लगा दे। कलवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट फिल्म पर लगे बैन को हटा सकती है, लेकिन सिनेमा हॉल मालिक हमसे पूछकर ही फिल्म चलाएंगे।

उन्होंने दावा किया कि उनके पास राजस्थान के सिनेमा हॉल मालिकों का लिखित पत्र है, जिसमें उन्होंने भरोसा दिलाया था कि कऱणी सेना की अनुमति से ही फिल्म ‘पद्मावत’ चलाएंगे। कलवी ने यह भी दावा किया कि हर हाल में ‘पद्मावत’ की स्क्रीनिंग रोकी जाएगी। गुरुवार को बिहार के कुछ सिनेमाघरों में प्रदर्शनकारियों द्वारा तोड़फोड़ की खबरें भी सामने आई।

वहीं, बीजेपी के बागी नेता और ‘पद्मावत’ के नाम पर सुर्खियां बटोरने वाले सूरज पाल अम्मू ने कहा है कि चाहे फांसी पर लटका दो लेकिन संघर्ष जारी रहेगा। अम्मू ने कहा, ‘आज सुप्रीम कोर्ट ने लाखों-करोड़ों लोगों, लाखों करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, जो सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं। हमारा संघर्ष जारी रहेगा चाहे मुझे फांसी लगा दो। यह फिल्म रिलीज होगी तो देश टूटेगा।’

शुरू से विवादों में रही फिल्म

दरअसल, यह फिल्म 13वीं सदी में दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी और मेवाड़ के महाराजा रतन सिंह के बीच हुए युद्ध पर आधारित है। पिछले साल जयपुर और कोल्हापुर में जब फिल्म की शूटिंग चल रही थी, तब करणी सेना के कथित सदस्यों ने इसके सेट पर तोड़फोड़ तथा इसके निर्देशक संजय लीला भंसाली के साथ धक्कामुक्की की थी।

मालूम हो कि नाम बदलने और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के विवादास्पद ‘घूमर’ नृत्य में बदलाव समेत कुछ अन्य परिवर्तनों के बाद सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को प्रदर्शन की अनुमति दी है। लेकिन फिल्म को लेकर विशेषकर राजपूत समुदाय की तरफ से कड़े विरोध को देखते हुए 25 जनवरी को ‘पद्मावत’ रिलीज होने पर राज्य सरकारों के लिए कानून और व्यवस्था को बनाये रखना चुनौती बन सकती है।

इस फिल्म को देश भर में 25 जनवरी 2018 को प्रदर्शित किया जाना है। सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी और राजपूत रानी पद्मावती की ऐतिहासिक कथा पर आधारित इस फिल्म का राजपूत करणी सेना समेत कई संगठन विरोध कर रहे हैं। करणी सेना ने तो इसे प्रदर्शित करने पर सिनेमा घरों पर हिंसक प्रदर्शन की चेतावनी दे रखी है।

हालांकि फिल्म ‘पद्मावत’ के निर्माताओं ने अखबारों के मुख्य पृष्ठ पर सोमवार (15 जनवरी) को एक विज्ञापन देकर स्पष्ट किया है कि फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मावती के बीच कोई दृश्य नहीं है। इसके साथ ही दावा किया गया है कि यह एक ऐसी फिल्म है, जिस पर प्रत्येक भारतीय गर्व करेगा।

 

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