नोटबंदी की तरह ही सबको खत्म करते हुए गुजरेगी बुलेट ट्रेन, मोदी सरकार की योजनाओं पर पूर्व वित्त मंत्री का नज़रिया

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पीएम मोदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें वह छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहते है कि बुलेट ट्रेन एक दिखावा है इसमें बैठकर किसी को यात्रा नहीं करनी है। उन्होंने वीडियो में कहा कि दुनिया को केवल दिखाने के लिए ही बुलेट ट्रेन चलाई जाएं इसमें बैठकर यात्रा किसी को नहीं करनी है। यह वीडियो तब का है जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री हुआ करते थे और नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बनने का सपना देखा करते थे।

नोटबंदी

ओशो रजनीश ने कहा था कि जो आपके मन में होता है वो पहले आपकी वाणी में आ जाता है, उसके बाद आपके व्यवहार में वो दिखने लगता है। पीएम मोदी पर ओशो रजनीश का यह वक्तव्य बिल्कुल सटीक बैठता है, अपने मन का उन्होंने कर दिखाया लेकिन आज अंतर इतना है कि पीएम मोदी जिसे कल तक दिखावा कहकर बात कर रहे थे आज उसी को अपनी उपलब्धि साबित करने पर लग गए है। कल मुंबई के शिवाजी पार्क में अपनी पार्टी की दशहरा रैली को संबोधित करते हुए शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने  रैली को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करते हुए ने कहा कि पीएम मोदी को पाखंड की राजनीति बंद कर देनी चाहिए।

बुलेट ट्रेन को लेकर पहले भी सोशल मीडिया पर सरकार की कड़ी आलोचना होते हुए देखी जा सकती है। सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा था कि इससे देश को करोड़ो रूपये के कर्ज में धकेल दिया जाएगा। अब इस मामले पर कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि बुलेट ट्रेन नोटबंदी जैसी है, जो अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को खत्म करते हुए जाएगी। चिदंबरम ने कहा, ‘बुलेट ट्रेन सुरक्षा समेत सभी चीजों को समाप्त कर देगी।’

आपको बता दे कि इससे पूर्व भी नोटबंदी और आर्थिक विकास की दर को लेकर पूर्व वित्त मंत्री सहित पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश को मोदी सरकार की योजनाओं के बारें में चेताया था जिसका नतीजा आज बिल्कुल वहीं निकला और देश मोदी सरकार की असफल योजनओं के चलते आार्थिक मंदी के दौर में पहुंच गया।

PM मोदी ने बताई बुलेट ट्रेन की असलियत, कहा- यह सिर्फ दिखावे के…

PM मोदी ने बताई बुलेट ट्रेन की असलियत, कहा- यह सिर्फ दिखावे के लिए है, पुराना वीडियो हुआ वायरलhttp://www.jantakareporter.com/hindi/bullet-train-pm-modi/150812/

Posted by जनता का रिपोर्टर on Friday, 22 September 2017

बता दें कि यशवंत सिन्हा अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक लेख में नोटबंदी के फैसले पर मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि नोटबंदी ने गिरती जीडीपी में आग में तेल डालने की तरह काम किया। सिन्हा ने कहा कि पीएम मोदी कहते हैं कि उन्होंने गरीबी को काफी नजदीक से देखा है, लेकिन ऐसा लगता है कि उनके वित्तमंत्री इस तरह का काम में लगे हैं कि वह सभी भारतीयों को गरीबी काफी करीब से दिखाएंगे।

वित्त मंत्री अरुण जेटली पर हमला बोलते हुए यशवंत सिन्हा ने कहा कि यदि मैं अपने राष्ट्रीय कर्तव्यों में असफल रहूंगा यदि मैंने अभी वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ नहीं बोलूंगा, जिन्होंने अर्थव्यवस्था का यह हाल बना दिया। उन्होंने कहा कि लगातार गिरती जीडीपी और चरमा रही अर्थव्यवस्था के कारण सरकार की मुश्किलें बढ़ रही हैं।

जबकि इससे पहले गिरी हुई विकास दर और आर्थिक मंदी पर जारी पूर्व रिर्पोट्स में कहा गया है कि नोटबंदी के चलते भारत में इस प्रकार की परिस्थितियों ने जन्म लिया है। नोटबंदी को मोदी सरकार का गलत फैसला बताते हुए पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा था कि सरकार को इसे स्वीकार करने का साहस होना चाहिए।

जबकि ओडिशा के एक कार्यक्रम में बोलते हुए, अमित शाह ने कहा था , नोटबंदी का आर्थिक विकास पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा हैं। अमित शाह ने कहा था ‘नोटबंदी के बाद कई तिमाहियां बीत चुकी हैं। अगर नोटबंदी से कोई गिरावट होनी होती तो वह नोटबंदी की घोषणा के बाद की तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2016) में दिखाई दे जाती।’

उन्होंने कहा था, कि आर्थिक मंदी की वजह ‘तकनीकी’ है, नोटबंदी इसका कारण नहीं है। GDP की यह गिरावट अस्थायी और तकनीकी कारणों की वजह से आई है।

आपको बताते इससे पूर्व भारत में आई आर्थिक मंदी पर चिंता व्यक्त करते हुए विश्व बैंक के पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री कौशिक बसु ने जीडीपी के नवीनतम आंकड़ों पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी, जिसमें कहा गया था कि भारत के विकास में गिरावट “बहुत चिंताजनक” हैं। बसु ने कहा नोटबंदी के इस राजनीतिक फैसले की देश को एक भारी कीमत चुकानी होगी जिसका भुगतान देशवासियों को करना पड़ेगा।

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