देवरिया शेल्टर होम से गायब हुई 21 वर्षीय लड़की गोरखपुर के वृद्धाश्रम में मिली, सदमे में थी युवती

0

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में भी शेल्टर होम (मां विंध्यवासिनी बालिका संरक्षण गृह) में बिहार के मुजफ्फरपुर जैसा मामला सामने आने के बाद सरकार से लेकर प्रशासनिक अमले तक के होश उड़ गए हैं। मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने देवरिया में नारी संरक्षण गृह में चल रहे सेक्स रैकेट मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की सिफारिश की है।

Photo: pti

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार (7 अगस्त) को खुद इसकी जानकारी दी। बता दें कि देवरिया स्थित मां विंध्यवासिनी महिला एवं बालिका संरक्षण गृह की मान्यता स्थगित होने के बाद भी संरक्षण गृह को हाईकोर्ट से स्थगनादेश लेकर चलाया जा रहा था। रविवार (5 अगस्त) की रात इस संस्था से सेक्स रैकेट संचालित होने का खुलासा हुआ, जिसके बाद शासन गंभीर हो गया।

21 वर्षीय लड़की गोरखपुर के वृद्धाश्रम में मिली

इस बीच बालिका संरक्षण गृह की एक 21 वर्षीय युवती पुलिस को मंगलवार (7 अगस्त) शाम गोरखपुर के एक वृद्धाश्रम में मिली। अपर जिलाधिकारी (पूर्व) प्रभुनाथ ने बताया कि 21 वर्षीय युवती को रानीडीहा क्षेत्र के एक वृद्धाश्रम में पाया गया। रजिस्टर में दर्ज ब्योरे के मुताबिक, युवती को यहां 5 अगस्त को लाया गया था। वह सदमे में थी। युवती का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके इतर अपर जिलाधिकारी के मुताबिक, वृद्धाश्रम में 13 कमरे हैं।

आपको बता दें कि देवरिया बालिका संरक्षण गृह से छुड़ाई गईं 24 लड़कियों में से एक ने मीडिया को बताया था कि लड़कियों को गोरखपुर भेजा जाता था। वहां एक कमरे में दो पुरुषों के साथ एक लड़की भेजी जाती थी। वृद्धाश्रम के लिपिक अंकित मिश्र ने दावा किया कि यह पिछले 30 साल से मां विंध्यवासिनी एनजीओ के तहत चल रहा है लेकिन जब इसकी संबद्धता जून 2017 में समाप्त की गई तो संगठन उच्च न्यायालय जाकर स्थगन का आदेश ले आया इसलिए यह वैध है।

एक नाबालिग लड़की भी लापता

एनजीओ प्रबंधक गिरिजा देवी की विधवा पुत्री कनकलता, उनकी चार वर्षीय पुत्री और अंकित मिश्र भी वृद्धाश्रम में रहते हैं। जिलाधिकारी विजयेंद्र पांडियन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शलभ माथुर को जब लड़की के मिलने की सूचना मिली तो वे वृद्धाश्रम पहुंचे। इसके इतर देवरिया शेल्टर होम से बस्ती की एक नाबालिग लड़की भी लापता है। उनके पिता पिछले साल से अपनी बेटी की तलाश कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लगा पाए हैं।

वहीं, मामले में जिला प्रॉबेशन अधिकारी का दावा है कि चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (सीडब्ल्यूसी) के आदेश पर देवरिया शेल्टर होम से लड़की को काफी पहले उसके परिवार के हवाले कर दिया गया था। इस मामले को लेकर जिला प्रॉबेशन अधिकारी और पीड़िता के परिजनों के बीच मंगलवार को काफी नोकझोंक भी हुई। शेल्टर होम की पूरी हकीकत सामने आने के बाद परिजन अपनी बच्ची के बारे में सोचकर चिंतित हैं।

लड़कियों के साथ हुआ शारीरिक शोषण

इस बीच महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने यह बात स्वीकार की है कि शेल्टर होम में लड़कियों का शारीरिक शोषण होता था। उच्च स्तरीय जांच कमिटी की रिपोर्ट के बाद मंत्री ने मीडिया से बातचीत में यह बात स्वीकार की है कि शेल्टर होम में लड़कियों के साथ शारीरिक शोषण की बात से इनकार नहीं किया जा सकता है।

जोशी ने कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि देवरिया में लड़कियों के साथ यौन शोषण हुआ है। रिपोर्ट आने के बाद इसमें जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने इस मसले पर विपक्षी दलों खासकर सपा व बसपा पर जमकर हमला बोला। कहा यह सारे कारनामे इन दोनों पार्टियों की सरकारों के समय के हैं।

मामले में एक और गिरफ्तार

नारी संरक्षण गृह की घिनौनी घटना मामले में पुलिस ने संचालिका गिरिजा त्रिपाठी व उसके पति मोहन त्रिपाठी की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार (7 अगस्त) को बेटी व नारी संरक्षण गृह की अधीक्षक कंचनलता को भी गिरफ्तार कर लिया है। वहीं इस मामले में तत्कालीन जिला प्रोवेशन अधिकारी प्रभात कुमार की तहरीर पर पुलिस ने अधीक्षक कंचनलता, उसकी मां व संचालिका गिरिजा त्रिपाठी और पिता मोहन त्रिपाठी के खिलाफ मानव तस्करी, देह व्यापार व बालश्रम से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

सोमवार को गिरिजा त्रिपाठी व मोहन त्रिपाठी को पुलिस ने जेल भेज दिया, जबकि फरार अधीक्षक कंचनलता की लोकेशन लखनऊ में मिलने पर दो टीमें लखनऊ पहुंचीं और छापेमारी की, लेकिन वह नहीं मिली। मगर मंगलवार सुबह पुलिस ने अधीक्षक कंचनलता को ढूंढ़ निकाला और गिरफ्तार कर लिया। उसे पुलिस लाइन में रखकर पूछताछ की जा रही है।

 

 

 

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here