वसीम जाफर से जुड़े विवाद पर अजिंक्य रहाणे ने कहा- इसके बारे में जानकारी नहीं, टिप्पणी नहीं कर सकता

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भारतीय टीम के उप कप्तान अजिंक्य रहाणे ने शुक्रवार को दिग्गज घरेलू क्रिकेटर और मुंबई टीम के अपने पूर्व साथी वसीम जाफर से जुड़े विवाद से खुद को अलग रखा। जाफर पर उत्तराखंड के कोच के कार्यकाल के दौरान धर्म आधारित चयन को बढ़ावा देने का प्रयास करने का आरोप लगा है। राज्य संघ से विवाद के बाद उत्तराखंड के कोच का पद छोड़ने वाले जाफर ने उत्तराखंड क्रिकेट संघ (सीएयू) के अधिकारियों के इन आरोपों को खारिज किया है कि उन्होंने टीम में मुस्लिम खिलाड़ियों का पक्ष लिया।

अजिंक्य रहाणे
फाइल फोटो

समाचार एजेंसी पीटीआई (भाषा) की रिपोर्ट के मुताबिक, अजिंक्य रहाणे ने चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले दूसरे टेस्ट की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को कहा, ‘‘सर, मुझे इस मुद्दे के बारे में कोई जानकारी नहीं है, क्या हुआ है, इसलिए मुझे नहीं लगता कि मुझे इस विषय पर टिप्पणी करनी चाहिए क्योंकि मुझे कोई जानकारी नहीं है।’’ बता दें कि, रहाणे और रणजी ट्रॉफी के सबसे सफल बल्लेबाज जाफर मुंबई और पश्चिम क्षेत्र के लिए एक साथ खेले हैं। दोनों ने एक साथ इंडियन आयल कारपोरेशन का भी प्रतिनिधित्व किया।

भारत के लिए 31 टेस्ट खेलने वाले जाफर ने कहा था कि टीम में मुस्लिम खिलाड़ियों को तरजीह देने के सीएयू के सचिव माहिम वर्मा के आरोपों से उन्हें काफी तकलीफ पहुंची। जाफर ने चयन में दखल और चयनकर्ताओं तथा संघ के सचिव के पक्षपातपूर्ण रवैये को लेकर मंगलवार को इस्तीफा दे दिया था।

जाफर ने आनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में बुधवार को कहा, ‘‘जो कम्युनल एंगल लगाया, वह बहुत दुखद है। उन्होंने आरोप लगाया कि मैं इकबाल अब्दुल्ला का समर्थन करता हूं और उसे कप्तान बनाना चाहता था जो सरासर गलत है।’’

जाफर को पूर्व भारतीय कप्तान और कोच अनिल कुंबले का समर्थन मिला है जो अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की क्रिकेट समिति के प्रमुख हैं। इसके अलावा पूर्व भारतीय खिलाड़ियों इरफान पठान और मनोज तिवारी तथा मुंबई के पूर्व बल्लेबाज शिशिर हट्टनगढ़ी ने भी जाफर का समर्थन किया।

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