PMO ने जवाब देने से किया इनकार, नोटबंदी को अमल में लाने के लिए किन अधिकारियों से किया गया था विचार-विमर्श

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प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का कहना है कि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि 8 नवंबर 2016 को लागू किए गए नोटबंदी के फैसले को अमल में लाने से पहले इस बारे में किन अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया था।

इसके साथ ही पीएमओ ने सूचना के अधिकार के तहत मांगे गए इस सवाल का जवाब देने से भी इनकार किया कि 500 और 1000 के पुराने नोटों पर पाबंदी लगाने से पहले क्या मुख्य आर्थिक सलाहकार और वित्त मंत्री की राय ली गयी थी।

भाषा की खबर के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय ने अपने जवाब में कहा कि यह सवाल आरटीआई कानून के तहत सूचना की ‘परिभाषा’ में नहीं आता। आरटीआई के तहत यह जानकारी मांगी गयी थी कि नोटबंदी के निर्णय से पहले किन अधिकारियों की राय ली गयी थी।

इसके जवाब में पीएमओ ने कहा, ‘जो सूचना मांगी गयी है, वह इस कार्यालय के रेकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है।’ आवेदनकर्ता ने यह भी जानना चाहा था कि क्या नोटबंदी की घोषणा से पहले इस मुद्दे पर और 500 और 1,000 रुपये के प्रतिबंधित नोटों को आसानी से बदलने के संदर्भ में सरकार की तैयारियों को लेकर कोई बैठक हुई थी।

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