मनी लॉन्ड्रिंग केस: रॉबर्ट वाड्रा आज तीसरी बार पूछताछ के लिए ईडी के सामने हुए पेश

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के एक मामले में जांच के संबंध में शनिवार (9 फरवरी) को तीसरी बार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए, जहां अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की। वाड्रा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तीसरे दौर की पूछताछ के लिए शनिवार को ईडी के पेश हुए। इससे पहले वाड्रा से बुधवार (6 जुलाई) और गुरुवार (7 जुलाई) को करीब 14 घंटे तक पूछताछ हुई, वह सुबह करीब 10.45 बजे ईडी के जामनगर स्थित कार्यालय पहुंचे।

Photo: pti

लंदन में कुछ अचल संपत्तियों के लेनदेन, खरीद और कब्जे के संबंध में उनसे पूछताछ की जा रही है। वाड्रा मध्य दिल्ली के जामनगर हाउस स्थित केंद्रीय जांच एजेंसी के कार्यालय में अपने निजी वाहन से सुबह करीब 10 बजकर 45 मिनट पर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि जांच अधिकारी को वाड्रा से और सवाल पूछने थे और इसलिए उन्हें शनिवार को पेश होने के लिए कहा गया था। इससे पहले उनसे छह और सात फरवरी को पूछताछ की गई थी। वाड्रा से पहली बार करीब साढे पांच घंटे और दूसरी बार करीब नौ घंटे तक पूछताछ की गई थी।

माना जा रहा है कि पिछली बार पूछताछ के दौरान वाड्रा का ‘सामना’ उन दस्तावेजों से कराया जो एजेंसी ने मामले की जांच के दौरान जब्त किए हैं। उनमें फरार रक्षा डीलर संजय भंडारी से जुड़े दस्तावेज भी शामिल हैं। आधिकारिक सूत्रों ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि वाड्रा ने इस मामले के जांच अधिकारी के साथ दस्तावेज साझा किए और कहा कि जब उन्हें और दस्तावेज प्राप्त होंगे तो उन्हें भी साझा किया जाएगा।

क्या है मामला?

यह मामला लंदन में 12 ब्रायनस्टन स्क्वायर पर 19 लाख पाउंड (ब्रिटिश पाउंड) की संपत्ति की खरीद में कथित रूप से मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है। यह संपत्ति कथित तौर पर रॉबर्ट वाड्रा की है। पीटीआई के मुताबिक, इस जांच एजेंसी ने दिल्ली की एक अदालत से यह भी कहा था कि उसे लंदन में कई नई संपत्तियों के बारे में सूचना मिली है जो वाड्रा की है। उनमें 50 और 40 लाख ब्रिटिश पाउंड के दो घर और छह अन्य फ्लैट और अन्य संपत्तियां हैं। वहीं, वाड्रा ने अवैध विदेशी संपत्ति से जुड़े आरोपों से इनकार किया है और आरोप लगाया कि राजनीतिक हित साधने के लिये उन्हें ‘परेशान’ किया जा रहा है।

सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि उनका बयान धनशोधन रोकथाम अधिनियम की धारा 50 (तलब, दस्तावेजों की पेशी और गवाही से संबंधित प्राधिकारों के अधिकार) के तहत दर्ज किया जा रहा है जैसा कि पहले दो बार किया गया था। ईडी के सामने वाड्रा की पेशी ने राजनीतिक रंग अख्तियार कर लिया है। बताया जा रहा है कि वाड्रा को बीकानेर में एक भूमि घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जयपुर में 12 फरवरी को ईडी के समक्ष पेश होना है। राजस्थान हाई कोर्ट ने उन्हें मामले में एजेंसी के साथ सहयोग करने के निर्देश दिए थे।

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