सर्जिकल स्ट्राइक पर मनोहर पर्रिकर के खुलासे के बाद उमर अब्दुल्ला ने उठाए सवाल

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देश के पूर्व रक्षा मंत्री और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने पाकिस्तान के खिलाफ 29 सितंबर 2016 को हुए ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के बारे में एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि, PoK में आतंकियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की योजना 15 महीने पहले बनाई गई थी और साथ ही उन्होंने बताया कि इसके लिए इस ऑपरेशन में शामिल सैनिकों को स्पेशल ट्रेनिंग भी दी गई थी।

सर्जिकल स्ट्राइक

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार(30 जून) को पणजी में उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए मनोहर पर्रिकर ने कहा कि 2015 में म्यांमार की सीमा पर चलाए गए उग्रवाद विरोधी अभियान के बाद एक टेलीविजन एंकर के केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से एक अपमानजनक सवाल पूछे थे। पर्रिकर ने कहा कि रक्षा मंत्री के तौर पर मुझे ये बेहद अपमानजनक लगा। एंकर के सवाल के बाद ही पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकियों के ठिकानों पर कार्रवाई के लिए रणनीति तैयार की गई।

200 लोगों के छोटे से आतंकी संगठन ने 18 डोगरा सैनिकों को निशाना बनाया और यह भारतीय सेना का अपमान था।साथ ही उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद हमने दोपहर और शाम को मीटिंग की और इस प्लान को तैयार किया था।  8 जून की सुबह म्यांमार बॉर्डर पर पहली सर्जिकल स्ट्राइक की, इस हमले में 70 से 80 आतंकी मारे गए। ये बेहद कामयाब कदम रहा। खास बात ये रही कि इसमें आर्मी को कोई नुकसान नहीं हुआ, सिर्फ एक सैनिक के पैर में मामूली खरोंच आई।

ख़बरों के मुताबिक, पर्रिकर ने कहा कि उन्हें एक सवाल से बहुत बुरा लगा था जब राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से एक टेलीविजन एंकर ने पूछा था कि क्या आपमें देश के पश्चिमी मोर्चे पर भी ऐसा करने का साहस एवं क्षमता है। मनोहर परिकर ने कहा कि उन्होंने तब ध्यान से सवाल सुना लेकिन इसका जवाब सही समय पर देने का फैसला किया। गौरतलब है कि, पाकिस्तान के खिलाफ हुए सर्जिकल स्ट्राइक में करीब 38 आतंकी और कुछ पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे।

बता दें कि, मनोहर पर्रिकर के इस खुलासे के बाद जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्य मंत्री उमर अब्दुल्ला ने रणनीतिक सुरक्षा पर सवाल उठाए है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मैंने बहुत गहनता से उनकी बात सुनी पर जबाव देने के लिए सही समय का इंतजार करने का निश्चय किया। उमर ने कहा कि हो सकता था एंकर के सवाल ने पाकिस्तान के साथ व्यापक संघर्ष को उकसाया। “हम इस प्रकार के फैसले से सुरक्षित महसूस करना चाहते हैं।

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