सोशल मीडिया पर दावा- आकाश से पहले पिता कैलाश विजयवर्गीय ने भी अधिकारी पर तान दिया था जूता, वायरल हुई तस्वीर

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एक कहावत है ‘बड़े मियां तो बड़े मियां, छोटे मियां सुभान अल्ला’, जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से नाता रखने वाले मध्य प्रदेश के इंदौर के विजयवगीर्य परिवार पर सटीक बैठ रही है। ऐसा इसलिए, क्योंकि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने लगभग ढाई दशक पहले एक अफसर पर जूता ताना था और अब उनके विधायक बेटे आकाश विजयवगीर्य ने नगर निगम के अफसरों पर क्रिकेट का बल्ला चला दिया।

इंदौर की राजनीति में कैलाश विजयवर्गीय की आक्रामक नेता की छवि रही है, उनसे जुड़े किस्से हमेशा चचार्ओं में रहे है। अब उनके विधायक बेटे आकाश विजयवर्गीय द्वारा गंजी कंपाउंड में स्थित जर्जर मकान को गिराने गए नगर निगम के अमले में शामिल अधिकारी धीरेंद्र बायस पर क्रिकेट का बल्ला चला दिया। इस घटनाक्रम ने कैलाश विजयवर्गीय के राजनीतिक अंदाज की याद ताजा कर दी है।

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि कैलाश विजयवर्गीय भी इंदौर में जल संकट के कारण हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक सरकारी अधिकारी पर जूता उठा चुके हैं। आकाश की घटना के बाद कैलाश विजयवर्गीय की करीब 25 साल पहले की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस तस्वीर में कैलाश विजयवर्गीय अधिकारी पर जूता उठाए दिख रहे हैं।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, लगभग दो दशक पहले का वाकया है, जब स्थानीय लोगों की पानी की समस्या को लेकर कैलाश विजयवगीर्य नगर निगम आयुक्त के आवास का घेराव करने पहुंचे थे। यहां विजयवगीर्य ने तब एक अधिकारी के सामने जूता तान लिया था। समाचार चैनल एबीपी न्यूज़ ने भी इस पुरानी तस्वीर की पड़ताल की है। पड़ताल में पाया गया है कि ये तस्वीर बिल्कुल असली है और साल 1994 की है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर

एक यूजर @IacShail ने कैलाश विजयवगीर्य द्वारा एक अफसर के सामने जूता ताने होने की तस्वीर जारी करते हुए लिखा, ‘बहुत ही मुश्किल से मिला है ये बिरला चित्र 1994 में तत्कालीन ASP प्रमोद फड़नीकर जी पर जूते से वार करते उस समय के महापौर कैलाश विजयवर्गीय जी। बेटा बाप को देख कर ही सीखता है। इससे पहले बस सुना था की बेटा बाप से ही सिखता है पर आकाश जी ने इसे सच साबित कर दिखाया।’

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आक्रामक राजनीतिक करते हैं कैलाश विजयवर्गीय

कैलाश विजयवगीर्य और आकाश को करीब से जानने वाले दोनों को अलग-अलग मानते है। उनका कहना है कि, दोनों की कार्यशैली अलग-अलग है, कैलाश विजयवगीर्य की राजनीति आक्रमक रही है। वह हमेशा ही राजनीति में तीखे तेवरों के लिए जाने जाते रहे हैं। उनका अपने विरोधियों से निपटने का भी उनका अलग तरीका है, वहीं, आकाश अलग है, वे गंभीर है और युवाओं में धार्मिकता लाने के लिए एक संगठन भी चलाते है। इस घटना को बदलते आकाश के तौर पर देखा जा रहा है।

क्या है आकाश विजयवर्गीय का मामला?

गौरतलब है कि इंदौर के गंजी कंपाउंड में एक जर्जर मकान को गिराने गए नगर निगम के अमले के अधिकारी की आकाश ने क्रिकेट के बल्ले से पिटाई कर दी थी। इस घटना के बाद आकाश जेल में हैं। इसे लेकर सियासत गरमा गई है तो दूसरी ओर कैलाश विजयवगीर्य की कार्यशैली की भी जमकर चर्चा हो रही है। इंदौर के घटनाक्रम के सामने आने के बाद महापौर मालिनी गौड़ भी अपरोक्ष रूप से निगम अमले के साथ खड़ी नजर आईं। उन्होंने कहा, “नगर निगम ने जर्जर मकानों को तोड़ने की सूची बनाई है, आकाश को मौके पर जाने से पहले बात करनी थी।” (इनपुट- आईएएनएस के साथ)

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