विश्व के कुल शरणार्थी बच्चों की आधी संख्या भी नहीं जाती स्कूल: संयुक्त राष्ट्र

0

संयुक्त राष्ट्र ने आज कहा कि विश्व के करीब 60 लाख शरणार्थी बच्चों की आधी से भी कम संख्या स्कूल में पढ़ती है, जिसका अर्थ यह हुआ कि वैश्विक औसत की तुलना में उनके शिक्षा प्राप्त करने की संभावना पांच गुना कम है।

भाषा की खबर के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी ने एक रिपोर्ट में कहा कि स्कूल जाने की आयु वाले 37 लाख शरणार्थी बच्चों के पास स्कूल ही नहीं है, जहां वह पढ़ सकें, संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी प्रमुख फिलिप्पो ग्रांडी ने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कदम उठाने की अपील करते हुए एक बयान में कहा, ‘‘यह लाखों शरणार्थी बच्चों के संकट को दर्शाता है।’’

Also Read:  After a surprise visit by Delhi deputy CM , Deputy Director of Education suspended

ग्रांडी का बयान ऐसे समय में आया है जब शरणार्थियों एवं प्रवासियों पर संयुक्त राष्ट्र का पहला शिखर सम्मेलन न्यूयार्क में 19 सितंबर को होने वाला है।

उन्होंने शरणार्थियों के औसतन करीब 20 साल के लिए विस्थापित होने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बात पर विचार कर रहा है कि शरणार्थी संकट से किस प्रकार सर्वश्रेष्ठ तरीके से निपटा जा सकता है, ऐसे में यह आवश्यक है कि हम जीवन के लिए बुनियादी जरूरतों से आगे सोचें।’’

Also Read:  Education must deepen student-society link: Pranab

ग्रांडी ने कहा, ‘‘शिक्षा शरणार्थियों को उन दोनों देशों के भविष्य को सकारात्मक आकार देने में सक्षम बनाती है जहां वे शरणार्थी बन कर रह रहे हैं और जो उनका मूल देश है जहां वे एक दिन लौटेंगे।’’
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्व के मात्र 50 प्रतिशत शरणार्थी बच्चों को प्राथमिक शिक्षा मिल पाती है। शरणार्थी बन कर रह रहे मात्र ख्ख् प्रतिशत किशोर ही माध्यमिक स्कूल जाते हैं।

Also Read:  Delhi Deputy CM Sisodia meets former President of India Kalam

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here