एनएससीएन (के) पर सरकार ने पांच साल की पाबंदी लगाई

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भारत सरकार ने मणिपुर के उग्रवादी संगठन एनएससीएन(के) पर आज से पांच साल की पाबंदी लगा दी है।

मणिपुर में 4 जून को हुए आतंकी हमले में 18 भारतीय जवानों की जान चली गई थी । हमले के 3 महीने बाद भारत सरकार ने इस संगठन पर पूर्ण रूप से बैन लगा दिया है ।

पिछले हफ्ते, राष्ट्रीय जांच एजेंसी(एनआईए) ने एनएससीएन (के) के मुखिया कमांडर निकी सुमि और कमांडर खपलांग जो 4 जून के हमलों में शामिल बताये जाते हैं उनपर 10 लाख और 7 लाख रुपए का इनाम रखा था।

एनआईए को आशंका है कि एनएससीएन (के) के पास 800 कैडर और अतिआधुनिक हथ्यार भी है।

एक तरफ जहाँ सरकार नागालैंड के साथ शांति समझौते पर बात कर रही है वही दूसरी ओर उत्तर पूर्वी उग्रवादी संगठनों पर बैन लगाने का ये फैसला सामने आया है।

बीएसएफ , सीआरपीएफ और सुरक्षा बलों ने सरकार को बताया था कि एनएससीएन (के) जैसे आतंकी संगठन नागालैंड को भारत से अलग करने के मक़सद से आगे बढ़ रही है । एनएससीएन (के) का केंद्र म्यांमार के सीमा के पास है जहाँ से अातन्की भारतीय सैनिकों को निशाना बना बनाते रहे हैं।

खबर तो ये भी है कि एनएससीएन (के) ने असम के उलफा जैसे ख़तरनाक संगठनों से सांठ-गांठ बना रखी है और इन सब के पीछे चीन का भी हाथ है ।

एनआईए का कहना है कि खपलांग भारत के खिलाफ युद्धविराम बिना किसी बाहरी शक्ति के नहीं तोड़ सकता । लेकिन चीन का हाथ होना या न होना ये जांच का मामला है ।

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