बुलंदशहर हिंसा: कथित गोकशी मामले में तीन मुस्लिम आरोपियों पर लगा रासुका, लेकिन जान गंवाने वाले इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह का जीवन कोई मायने नहीं रखता!

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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) शासित उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिला प्रशासन ने स्याना तहसील में पिछले महीने हुई गोकशी की कथित घटना के संबंध में गिरफ्तार तीन मुस्लिम आरोपियों अजहर खान, नदीम खान और महबूब अली पर कड़ा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाया है। अब इन आरोपियों को जमानत मिलना मुश्किल हो गया है। बुलंदशहर के जिलाधिकारी ने तीनों मुस्लिम आरोपियों के खिलाफ रासुका लगाने की पुष्टि की है। कई विपक्षी दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कथित गोकशी मामले में विशेष ध्यान देने और हिंसा में जान गंवाने वाले इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या मामले को कथित तौर पर नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।

गाय

स्याना के गांव महाव के बाहर खेतों में तीन दिसंबर को मवेशियों के कंकाल मिले थे जिसके बाद भीड़ ने उत्पात मचाते हुए चिंगरावठी पुलिस चौकी पर हमला कर दिया था। इस हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह (44) और चिंगरावठी के एक व्यक्ति सुमित कुमार (20) की इस हिंसा में गोली लगने से मौत हुई थी। इस घटना के संबंध में स्याना थाने में दो प्राथमिकी दर्ज हुई थीं। पहली प्राथमिकी हिंसा के संबंध में दर्ज हुई, जिसमें 27 लोगों को नामजद और करीब 50 से 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जबकि दूसरी प्राथमिकी गोकशी के लिए दर्ज हुई है।

अधिकारियों ने कहा कि गोकशी मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिसमें से तीन आरोपियों अजहर खान, नदीम खान और महबूब अली पर रासुका लगाया गया है। बुलंदशहर के जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने कहा, ‘‘तीन आरोपियों ने जमानत के लिए आवेदन दिया था और उन्हें जमानत मिलने की संभावना थी। इस बात को ध्यान में रखते हुए, उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाया गया है।’’

झा ने कहा, ‘‘लोक व्यवस्था और शांति कायम रखते हुए तीनों को रासुका की धारा तीन की उपधारा तीन के तहत नामजद किया गया है। कार्रवाई पुलिस रिपोर्ट के आधार पर की गई जिसमें कहा गया कि तीनों गैरकानूनी तरीके से धन कमाने के लिए गोकशी में संलिप्त थे।’’

जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘उनके कृत्यों ने महाव और नयाबांस गांवों में हिन्दुओं की भावनाओं को चोट पहुंचाई जिसके बाद हिंसा हुई और इसमें लोगों ने लाठियों तथा धारदार हथियारों से पुलिस पर हमला किया और निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह की मौत हुई। इससे लोक व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द का माहौल बिगड़ा।’’

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