शर्मनाक: पैसे ना देने पर डॉक्टरों ने इलाज करने से किया इंकार, मासूम बच्चे की मौत

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भारत के अलग-अगल राज्यों से हर रोज कोई न कोई ऐसी तस्वीर सामने आ ही जाती है, जिसे देखकर हमें शर्मसार होना पड़ता है। देश के किसी राज्य में जब कोई गरीब व्यक्ति बीमार होता है तो वो सरकारी अस्पतालों का सहारा लेता है, लेकिन जब सरकारी अस्पतालों में गरीब इंसान को कोई मदद नहीं मिलती है तो उनपर क्या बितती होगी उसका अंदाजा आप इसी ख़बर से लगा सकते है।

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में डॉक्टरों की लालच ने एक मासूम की जान ले ली। बताया जा रहा है कि, कथित-तौर पैसे न देने की वजह से डॉक्टरों ने इलाज करने से मना कर दिया, जिससे मासूम की मौत हो गई। जिसके बाद मासूम बच्चे के परिजनों ने शव को लेकर डीएम की चौखट पर पहुंचे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

फोटो- hindi.news18

न्यूज़ 18 हिंदी मे छपी रिपोर्ट के मुताबिक, बांदा जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के पचेहरी गांव के रहने वाले पुष्पराज सिंह बुखार से पीड़ित अपने 6 वर्षीय भाई को बुधवार रात मेडिकल कॉलेज बांदा में इलाज के लिए भर्ती करवाया था। परिजनों का आरोप है कि स्टाफ के द्वारा पैसों की मांग की गई। मगर गरीबी के चलते वह पैसा नहीं दे पाए तो इलाज नहीं किया गया। भर्ती करने के बाद डॉक्टरों ने इलाज शुरू नहीं किया। जब मासूम की हालत बिगड़ने लगी तो उसको जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां जहा उसकी मौत हो गई।

जिसके बाद परिजनों ने मासूम के शव को कंधे पर लेकर जिलाधिकारी की चौखट में न्याय की मांग लगाने पहुंच गए। परिजनों का कहना है कि इलाज में लापरवाही के लिए दोषियों के खिलाफ कारवाही हो।

रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दिव्य प्रकाश गिरी ने जांच शुरू करवा दी है। जिलाधिकारी ने सीएमओ और एसडीएम के नेतृत्व में दो सदस्यीय कमेटी बनाकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में जब मेडिकल कॉलेज के प्रिंसपल डॉ विजेन्द्रनाथ से पूछा गया तो उन्होंने अपने स्टॉफ का बचाव किया। हालांकि इमरजेंसी में तैनात डॉ अनूप के द्वारा बच्चे का प्राथमिक उपचार नहीं करने की बात उन्होंने स्वीकार की है।

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