उत्तर प्रदेश: अदालत ने निलंबित और फरार IPS अधिकारी मणिलाल पाटीदार समेत तीन के खिलाफ जारी किया गैर जमानती वारंट

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उत्तर प्रदेश की एक स्थानीय अदालत ने महोबा के पूर्व पुलिस अधीक्षक (एसपी) व आईपीएस मणिलाल पाटीदार के खिलाफ इंद्रकांत त्रिपाठी हत्याकांड के मामले में गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया है। उनके साथ दो अन्य पुलिसकर्मी के खिलाफ भी गैर जमानती वारंट जारी किया है।

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स्पेशल जज (भ्रष्टाचार-रोधी) कोर्ट हरेंद्र बहादुर सिंह ने निलंबित और फरार चल रहे आईपीएस अधिकारी पाटीदार और साथ ही दो बर्खास्त पुलिसकर्मी इंस्पेक्टर देवेंद्र शुक्ला और कांस्टेबल अरुण कुमार यादव के खिलाफ वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया है। फरार चल रहे आईपीएस मणिलाल पाटीदार का अब तक पुलिस कोई सुराग नहीं लगा सकी है।

कोर्ट ने गुरुवार को जांच अधिकारी कालू सिंह द्वारा दिए गए एक आवेदन पर यह आदेश पारित किया। तीनों पर क्रशर व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी की आत्महत्या के आरोप लगे हैं और वे फरार हैं। पिछले सप्ताह सरकार ने इंस्पेक्टर देवेंद्र शुक्ला और कांस्टेबल अरुण कुमार यादव को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। महोबा में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच के लिए पाटीदार, शुक्ला और यादव तीनों स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के गठन के बाद से गायब हैं।

गौरतलब है कि त्रिपाठी ने 8 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा था कि अगर उनके साथ कुछ भी अनहोनी हुई, तो उसका जिम्मेदार पाटीदार होगा। वीडियो जारी करने के कुछ ही घंटों बाद घर लौटते समय उन्हें गर्दन पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और उनका वीडियो वायरल हो गया था। 13 सितंबर को त्रिपाठी का निधन हो गया।

त्रिपाठी का वीडियो वायरल होने के कुछ ही घंटों बाद 9 सितंबर को पाटीदार को निलंबित कर दिया गया और बाद में हत्या के लिए मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस तीनों आरोपियों का पता लगाने में नाकाम रही है।

एसपी महोबा अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि पाटीदार, शुक्ला और यादव का पता लगाने के लिए टीमों का गठन किया गया है। उन्होंने आगे कहा, हमें सबूत मिले हैं और दो स्थानीय व्यापारियों सुरेश सोनी और ब्रह्मदत्त तिवारी को गिरफ्तार किया गया। अन्य को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। (इंपुट: आईएएनएस के साथ)

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