स्वस्थ बच्चे के लिए मोदी सरकार के आयुष मंत्रालय का बेतुका सुझाव, कहा- मांस और सेक्स से दूर रहें गर्भवती महिलाएं

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महिलाओं को स्वस्थ बच्चा पैदा करने के लिए मोदी सरकार के आयुष मंत्रालय ने अजीबो गरीब नुस्खा दिए हैं। मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान मांस नहीं खाना चाहिए, सेक्स करने और बुरी संगत से भी दूर रहना चाहिए।

प्रतीकात्मक फोटो।

साथ ही मंत्रालय ने कहा कि ऐसी महिलाओं को अपने मन में हमेशा आध्यात्मिक विचार रखना चाहिए। और अपने कमरे में स्वस्थ बच्चे की खूबसूरत तस्वीरें लगाकर रखनी चाहिए। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय ने सहायता प्राप्त संस्थान सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन योगा एंड न्यूपोपैथी की एक बुकलेट मदर एंड चाइल्ड केयर में गर्भवती महिलाओं को यह नुस्खे दिए गए हैं।

इस संस्थान की वेबसाइट पर योग और न्यूरोपैथी को स्वास्थ्य के लिए प्राचीन भारतीय परंपराएं कहा गया है। हालांकि, इस मामले पर प्रतिक्रिया लेने के लिए हिंदुस्तान टाइम्स ने जब आयुष मंत्री श्रीपाद येस्सो नाइक से जब संपर्क करने की कोशिश की तो उनका मोबाइल बंद पाया गया, जिस वजह उनसे बातचीत नहीं हो पाई।

वहीं, एचटी ने मंत्रालय द्वारा जारी इस सुझाव पर अपोलो हेल्थकेयर ग्रुप के जीवन माला हॉस्पिटल एंड नोवा स्पेशलिटी हॉस्पिटल में सीनियर गायनोकॉलोजिस्ट डॉ. मालविका सभरवाल से बात की तो उन्होंने मादी सरकार के इस सुझाव को बेतुका बताया।

सभरवाल ने कहा कि प्रोटीन की कमी, कुपोषण और एनिमिया गर्भवती महिलाओं के स्वास्थय के लिए चिंता का विषय है और मांस में प्रोटीन और आयरन दोनों ही होते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि रही बात सेक्स की तो यदि गर्भावस्था सामान्य है, तो संयम की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि गर्भ में बच्चे को अमीनोटिक द्रव और गर्भाशय की मांसपेशियों द्वारा संरक्षित किया जाता है।

एचटी के मुताबिक सरकार का यह सुझाव बिल्कुल फ्री है, क्योंकि पिछले महीने गुजरात के जामनगर के गर्भविज्ञान अनुसंधान केंद्र ने कपल से पैसे लेकर यह सुझाव दिया था कि वह शुभ दिन यौन संबंध बनाएं और इसके बाद संयम बरतें। जिसे लेकर काफी हंगामा हुआ था। अब आयुष मंत्रालय के इस सुझाव पर भी हंगामा बढ़ना तय है।

 

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