अरविंद केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में कोई भी मुख्यमंत्री और बाहरी नेताओं को न्योता नहीं

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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में ऐतिहासिक जीत हासिल करने वाली आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आगामी 16 फरवरी को रामलीला मैदान में दिल्ली के मुख्यमत्री पद की शपथ लेंगे। अरविंद केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में सिर्फ दिल्ली की जनता को बुलाया है। इस शपथ ग्रहण समारोह में किसी मुख्यमंत्री या अन्य राज्यों के नेताओं को आमंत्रित नहीं किया जाएगा। आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

अरविंद केजरीवाल
फाइल फोटो

समाचार एजेंसी पीटीआई (भाषा) की रिपोर्ट के मुताबिक, आप की दिल्ली इकाई के संयोजक राय ने बताया कि केजरीवाल दिल्ली केन्द्रित समारोह में तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘कोई मुख्यमंत्री या अन्य राज्यों के किसी नेता को इस समारोह में आमंत्रित नहीं किया जाएगा, यह केवल दिल्ली तक सीमित रहेगा।’’ उन्होंने कहा कि केजरीवाल दिल्ली के लोगों के बीच शपथ लेंगे, जिन्होंने उनके नेतृत्व में एक बार फिर विश्वास दिखाया है।

गौरतलब है कि, आठ फरवरी को हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप ने 70 में से 62 सीटों पर जीत हासिल की है और पार्टी यहां तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। दिल्ली के लोगों ने केजरीवाल के बिजली, पानी, शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए कामों और महिलाओं को मुफ्त बस यात्र के फैसले को भरपूर समर्थन दिया है। यही वजह है कि आप अपना जनाधार बरकरार रखने में कामयाब रही।

बता दें कि, मंगलवार को आए दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी को जबरदस्त जीत हासिल हुई है। दिल्ली की 70 सीटों में से उसने 62 पर अपना कब्जा जमाया है। जबकि पूरी ताकत झोंकने के बावजूद भाजपा को महज 8 सीटों पर संतोष करना पड़ा। कांग्रेस एक बार फिर शून्य पर आउट हो गई। कांग्रेस का कोई उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत सका। कांग्रेस के 63 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है। इसके साथ ही कांग्रेस को मिलने वाले वोटों के प्रतिशत में भी भारी कमी दर्ज की गई है।

विधानसभा चुनाव 2015 में आप ने 70 में से 67 सीटें जीतकर इतिहास रचा था। AAP लगातार दूसरी बार दिल्ली में 60 से अधिक सीटें जीतकर सत्ता में आई है। दिल्ली में कांग्रेस के नेतृत्व में शीला दीक्षित की तीन बार सरकार रही थी, लेकिन कभी 60 का आंकड़ा पार नहीं कर पाई थी।

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