पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के स्वास्थ्य में कोई बदलाव नहीं, अभी भी वेंटिलेटर पर: अस्पताल

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देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के स्वास्थ्य की स्थिति में शनिवार (15 अगस्त) को भी कोई बदलाव नहीं आया और वह जीवनरक्षक प्रणाली पर ही हैं। उनकी देखभाल करने वाले चिकित्सकों ने बताया कि मुखर्जी की हालत स्थिर बनी हुई है और विशेषज्ञों की एक टीम उनकी करीबी निगरानी कर रही है। 84 वर्षीय प्रणब मुखर्जी को सोमवार को सेना के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उनके मस्तिष्क की सर्जरी की गई थी। इससे पहले उनकी कोरोना वायरस (कोविड-19) जांच रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी।

प्रणब मुखर्जी

अस्पताल ने एक बयान में कहा, ‘‘माननीय श्री प्रणब मुखर्जी की हालत आज सुबह भी पूर्ववत रही। वह अब भी जीवनरक्षक प्रणाली पर हैं। उनकी हालत स्थिर बनी हुई है और विशेषज्ञों की एक टीम करीबी निगरानी कर रही है।’’ मुखर्जी के कार्यालय ने स्वतंत्रता दिवस पर पूर्व राष्ट्रपति द्वारा हाल के वर्षों में किये गये ध्वजारोहण की तस्वीरें भी पोस्ट की और नागरिकों को शुभकामनाएं दी।

उनके कार्यालय ने उनकी ओर से ट्वीट किया, ‘‘मुखर्जी की ओर से उनका कार्यालय हाल के वर्षों के कुछ स्वतंत्रता दिवस समारोहों को याद करता है, उन्होंने काफी उत्साह से इनमें भाग लिया था… आज भी तिरंगा ऊंचा है।’’ ट्वीट में कहा गया है, ‘‘वह स्वस्थ हो रहे हैं, आइए एक स्वतंत्र, लोकतांत्रिक और बहुलतावादी भारत का हम फिर से संकल्प लेते हैं जिसका वह समर्थन करते हैं तथा उम्मीद है कि वह हमारे राष्ट्र के उन मुख्य मूल्यों का समारोह मनाने के लिये यथाशीघ्र वापस आएंगे।’’

उनकी बेटी एवं कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी गत वर्षों में पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी के ध्वजारोहण करने की तस्वीरें ट्वीट की। शर्मिष्ठा ने कहा, ‘‘मेरे बचपन के दिनों में, मेरे पिता और मेरे चाचा गांव में हमारे पैतृक आवास में ध्वजारोहण करते थे। तब से, स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण करने से वह कभी नहीं चूके थे। पिछले वर्षों के समारोहों की कुछ यादें साझा कर रही हूं। मुझे उम्मीद है कि अगले साल वह निश्चित रूप ऐसा करेंगे। जय हिंद।’’

प्रणब मुखर्जी साल 2012 से 2017 के बीच भारत के राष्ट्रपति रहे। मुखर्जी 1982 में 47 वर्ष की आयु में भारत के सबसे कम उम्र के वित्त मंत्री बने। 2004 से उन्होंने तीन महत्वपूर्ण मंत्रालयों- विदेश, रक्षा और वित्त मंत्रालय को संभाला और 2012 में राष्ट्र के सर्वोच्च राष्ट्रपति पद पर आसीन हुए।

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