नीता अंबानी को ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा की जानकारी ना देने पर गृह मंत्रालय सवालों के घेरे में

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आम और खास को सुरक्षा पर लंबे वक्त से बहस चलती रही है। सुरक्षा के लिहाज से दोनों ही जरूरी हैं पर इससे ज्यादा जरूरी है इन दोनों पहलुओं के बीच संतुलन ताकि सुरक्षाबलों का इस्तेमाल जनता की सुरक्षा में हो सके। लेकिन इसके साथ ये भी ज़रुरी है जब आम लोग इस सुरक्षा को लेकर जानकारी मांगे या सवाल उठाएं तो उन्हे पूरी जानकारी मिले।

गृह मंत्रालय ने रिलायंस के चैयरमैन मुकेश अम्बानी की पत्नी नीता अंबानी की Y सुरक्षा कवर पर हुए खर्च के आरटीआई द्वारा जानकारी मांगने वाले अनुरोध को खारिज कर दिया है।

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अहमदाबाद के रहने वाले एक व्यक्ति ने आरटीआई द्वारा नीता अंबानी के ‘Y’ सुरक्षा खर्च पर गृह मंत्रालय से जानकारी मांगने के लिए कुछ सवाल किेए थे और कहा था- ‘नीता अंबानी को ‘Y’ सुरक्षा श्रेणी देने का विशेष कारण प्रदान करें, उस व्यक्ति का नाम बताएं जिसने नीता अंबानी को ‘Y’ श्रेणी सुरक्षा प्रदान की, सुरक्षा कवर के लिए अनुरोध करने वाली नीता अंबानी से प्राप्त फोटो कॉपी उपलब्ध कराएं, नीता अंबानी को ‘Y’ सुरक्षा श्रेणी में किए गए कुल खर्च का ब्यौरा प्रदान करें।’

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Nita Ambani
अपने जवाब में गृह मंत्रालय ने कहा है,’ सुरक्षा खतरे के आंकलन पर एक व्यक्ति को प्रदान की जाती है, हालांकि सुश्री नीता अंबानी के संबंध में आपके द्वारा मांगी गई जानकारी के संबंध में ब्यौरा धारा 8 (1) (जी), 8 (1) (जे) और 24 के तहत छूट दी गई है (1) और सूचना का अधिकार अधिनियम -2005 है इसलिए उसको आप के लिए प्रदान नहीं किया जा सकता । “‘

जुलाई में केंद्र सरकार द्वारा नीता अंबानी को सीआरपीएफ कमांडो की ‘Y’ श्रेणी की सुरक्षा कवर प्रदान की गई थी
इस के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अध्यक्ष मुकेश अंबानी को कुछ साल पहले एक ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी।

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गौरतलब है कि मौजूदा सरकार ने अब तक सबसे बड़ी संख्या में लोगों को वीआईपी सुरक्षा दी है। फिलहाल 55 वीआईपी को ‘जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा मिल रही है। यूपीए सरकार के दौर में इस श्रेणी की सुरक्षा पाने वालों की संख्या 20 के करीब थी। इस स्तर की सुरक्षा में प्रत्येक वीआईपी के साथ करीब 45 सुरक्षा कर्मी तैनात होते हैं।

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