…जब पत्रकार ने कहा- ‘भक्तों, गाली मत दो, PM मोदी से ज्यादा मुझे प्रणय रॉय पर भरोसा है’

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न्यूज़ चैनल टीवी 9 में काम करने वाले वरिष्ठ पत्रकार निखिल वागले के प्राइम टाइम शो,”सडेतोड” को चैनल द्वारा अचानक बंद किए जाने के बीच निखिल वागले द्वारा एनडीटीवी की एक खबर ट्वीट करने को लेकर सोशल मीडिया पर उनके आलोचक उन्हें गालीगलौज देने लगे, जिसके बाद वागले ने ट्रोल करने वाले यूजर्स को मुंहतोड़ जवाब दिया है।Prannoy Royमोदी समर्थकों को करारा जवाब देते हुए निखिल वागले ने कहा कि उन्हें प्रणय रॉय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी ज्यादा विश्वास है। निखिल वागले ने रविवार (23 जुलाई) को ट्वीट किया, “प्रिय भक्तों, मुझे एनडीटीवी के खबर को ट्वीट करने के लिए गाली देना उचित नहीं है। मुझे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ज्यादा प्रणय रॉय पर भरोसा है।”

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, न्यूज़ टीवी 9 में काम करने वाले वरिष्ठ पत्रकार निखिल वागले के प्राइम टाइम शो,”सडेतोड” को चैनल द्वारा तत्काल प्रभाव से अचानक बंद कर दिया है। इस ख़बर का खुलासा सबसे पहले बुधवार(19 जुलाई) को निखिल वागले के साथ काम कर चुके वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने दी। बता दें कि वागले और सरदेसाई नेटवर्क 18 ग्रुप में एक साथ काम कर चुके हैं।

इस खबर की जानकारी देते हुए राजदीप सरदेसाई ने ट्विटर पर लिखा, अभी सुना हूं कि मराठी समाचार चैनलों पर सबसे ज्यादा देखा जाने वाला निखिल वागले का प्राइम टाइम शो बंद हो गया है, जो हर रात 9 बजे प्रसारित होता है! क्यूं?

इसके बाद खुद निखिल वागले ने ट्वीट पर व्यक्तिगत रूप से इस खबर की पुष्टि की। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि हां, टीवी 9 ने आज से मेरा शो बंद कर दिया है यह हमारे अनुबंध के अनुसार गैरकानूनी है।

रवीश बोले- चुप्पी को ‘राष्ट्रीय मुद्रा’ घोषित कर देना चाहिए

निखिल वागले के प्राइम टाइम शो,”सडेतोड” को चैनल द्वारा अचानक बंद किए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना की जा रही है। NDTV के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने भी निखिल वागले के शो को बंद किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त किया है।

पत्रकारों की आवाज को दबाए जाने को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए रवीश कुमार ने कहा कि चुप्पी को ‘राष्ट्रीय मुद्रा’ घोषित कर देना चाहिए। रवीश ने गुरुवार(20 जुलाई) को अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा, ‘निखिल वागले का टीवी शो अचानक बंद कर दिया गया है। आपके बोलने के लिए सूचना नहीं दे रहा हूँ। मुझे पता है आपका गला दुखता है। बाकी चुप रहना ही ठीक है।’

रवीश कुमार ने आगे लिखा, ‘चुप्पी को ‘राष्ट्रीय मुद्रा’ घोषित कर देना चाहिए। किसी भी राजनीति और सरकार का मूल्याकंन इस बात से भी किया जाना चाहिए कि उसके दौर में मीडिया स्वतंत्र है या नहीं। अगर आप बोल नहीं सकते तो कम से कम गुनगुना तो सकते ही हैं। गोदी में खेलती हैं, इसकी हज़ारों मीडिया।’

आपको बता दें कि निखिल वागले का यह शो मराठी दर्शकों द्वारा बड़ी संख्या में देखा जाता है। वागले अपने मुखर विचारों के लिए जाने जाते है। वह देश के उन पत्रकारों में से एक हैं जो केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना करने से नही डरते हैं।वह खुलकर सोशल मीडिया पर अपने विचारों को व्यक्त करते रहतें है।

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