मालेगाव धमाका: साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट, NIA ने बदला अपना रुख

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मालेगांव ब्लास्ट मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को क्लीन चिट दे दी है। NIA ने मुंबई की एक अदालत में दायर होने वाली चार्जशीट में साध्वी का नाम नहीं दिया है। इससे साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर अब जल्द ही जेल से रिहा हो सकती है।
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2015 में इस केस की स्पेशल पब्लिक प्रासीक्यूटर रोहिणी सालियन ने कहा था की मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद NIA ने उन पर प्रज्ञा सहित दुसरे हिन्दू आरपियों के विरुद्ध नरमी बरतने केलिए दबाव डाला था।

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अक्टूबर में सरकार ने सालियन को उनके पद से हटा दिया था, जिसके बाद उन्होंने NIA के अफसर का नाम लिया था जिन्होंने उनसे संपर्क किया था।

न्यूज़ चैनल आज तक के मुताबिक चार्जशीट में महाराष्ट्र एटीएस के पूर्व चीफ हेमंत करकरे की जांच पर भी गंभीर सवाल उठाए गए है। सूत्रो के मुताबिक चार्जशीट में कहा गया है कि 26/11 आतंकी हमलों में शहीद हुए महाराष्ट्र एटीएस के पूर्व चीफ हेमंत करकरे ने मालेगांव ब्लास्ट केस में जो जांच की उसमें कई खामियां थीं। यही नहीं, कर्नल प्रसाद पुरोहित और दूसरे मुख्य आरोपियों के खिलाफ जो सबूत दिखाए गए वो मनगढंत थे और चश्मदीदों से दबाव में बयान दर्ज कराए गए थे।

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एनआईए की चार्जशीट के मुताबिक, एटीएस ने साल 2008 में कर्नल पुरोहित की गिरफ्तारी से पहले देवलाली आर्मी कैंप स्थिति उनके क्वार्टर में विस्फोटक प्लांट किए थे। एनआईए के एक अधिकारी ने कहा, ‘हमारे पास यह साबित करने के लिए सूबत हैं कि एटीएस ने ही आरडीएक्स प्लांट किया था।’

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इसके अलावा NIA ने कर्नल पुरोहित और दूसरे आरोपियों के खिलाफ लगा MCOCA हटाने का फैसला भी लिया है। बता दे कि मालेगांव ब्लास्ट में 4 लोगों की मौत हई थी और 79 लोग घायल हुए थे।

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