जंतर-मंतर पर अब नहीं होंगे धरना-प्रदर्शन, NGT ने दिल्ली सरकार को फौरन रोक लगाने के दिए निर्देश

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राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) ने राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर क्षेत्र में सभी प्रदर्शनों और लोगों के इकट्ठा होने को तत्काल रोक लगाने के लिए दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है।

NGT

न्यायमूर्ति आरएस राठौर की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने गुरुवार(5 अक्टूबर) को नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) को कनॉट प्लेस के निकट स्थित जंतर-मंतर रोड से सभी अस्थायी ढांचों, लाउडस्पीकरों और जन उद्घोषणा प्रणालियों को हटाने के भी निर्देश दिए।

अपने आदेश में पीठ ने कहा कि दिल्ली सरकार, एनडीएमसी और दिल्ली के पुलिस आयुक्त जंतर-मंतर पर धरना, प्रदर्शन, आंदोलनों, लोगों के इकट्टा होने, लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल आदि को फौरन रोकें। इसके आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को शांतिपूर्ण और आरामदायक ढंग से रहने का अधिकार है और उनके आवासों पर प्रदूषण मुक्त वातावरण होना चाहिए।

अधिकरण ने प्रदर्शनकारियों, आंदोलनकारियों और धरने पर बैठे लोगों को वैकल्पिक स्थल के रूप में अजमेरी गेट में स्थित रामलीला मैदान में तुरन्तस्थानांतरित करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। एनजीटी का कहना है कि जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शनों से ध्वनि प्रदूषण होता है।

बता दें कि वरुण सेठ ने इस संबंध में एनजीटी में एक याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया कि जंतर-मंतर पर रोजाना धरने-प्रदर्शन होते रहते हैं, जिससे यहां काफी शोर-शाराबा होता है। यह शोर-शाराबा ध्वनि प्रदूषण के सभी मानकों को तोड़ देता है। यह शांत इलाकों में रहने वाले लोगों के अधिकारों का उल्लंघन है।

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