गिरीश चंत्र त्रिपाठी के छुट्टी पर जाने के बाद रजिस्ट्रार नीरज त्रिपाठी बने BHU के अंतरिम कुलपति

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बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के कुलपति गिरीश चंद्र त्रिपाठी के अचानक अनिश्चितकालीन छुट्टी पर जाने के बाद रजिस्ट्रार नीरज त्रिपाठी को विश्वविद्यालय का अंतरिम वाइस चांसलर नियुक्त किया गया है। बुधवार(4 अक्टूबर) को यह फैसला लिया गया। नीरज त्रिपाठी का कार्यकाल करीब दो महीने का होगा।

(Express Photo: Anand Singh)

बता दें कि उत्तर प्रदेश में स्थित बनारस के काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में कथित छेड़खानी के विरोध को लेकर प्रदर्शन कर रही छात्राओं पर पुलिस द्वारा 23 सितंबर की रात हुए लाठीचार्ज मामले को लेकर विवादों में घिरे विश्वविद्यालय के कुलपति गिरीश चंद्र त्रिपाठी सोमवार(2 अक्टूबर) को अचानक अनिश्चितकालीन छुट्टी पर चले गए। इसके लिए उन्होंने निजी कारणों का हवाला दिया है।

BHU के अधिकारियों ने बताया था कि कुलपति गिरीश चंद्र त्रिपाठी निजी कारणों का हवाला देकर छुट्टी पर चले गए हैं। बता दें कि त्रिपाठी का कार्यकाल महज दो महीने ही बचा है। वह 30 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं। साथ ही यह भी साफ हो गया है कि उन्हें दोबारा वीसी नहीं बनाया जाएगा। क्योंकि बीएचयू ने अपनी वेबसाइट पर नए कुलपति के लिए विज्ञापन भी जारी कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने बताया कि विश्वविद्यालय को गिरीश चंद्र त्रिपाठी का आवेदन मिल गया है और उन्होंने इसकी पुष्टि की कि वह अनिश्चितकालीन छुट्टी पर हैं। बीएचयू अधिनियम के अनुसार यदि विश्वविद्यालय प्रमुख छुट्टी पर जाता है तो रेक्टर प्रमुख के तौर पर काम करेगा और रेक्टर की अनुपस्थिति में विश्वविद्यालय रजिस्ट्रार कुलपति का प्रभार संभालेगा।

बता दें कि गिरीश चंद्र त्रिपाठी से पहले यूनिवर्सिटी में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहीं छात्राओं पर लाठीचार्ज मामले में चीफ प्रॉक्टर ओएन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। अब डॉक्टर महेंद्र कुमार सिंह को बीएचयू के नए चीफ प्रॉक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है। ओएन सिंह के इस्तीफे के बाद से ही त्रिपाठी को पद से हटाए जाने की अटकलें लगाई जा रही थी।

वहीं, छात्राओं पर पुलिस द्वारा किए लाठीचार्ज मामले में वाराणसी के कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में विश्वविद्यालय के प्रशासन को दोषी ठहराया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि बीएचयू प्रशासन ने पीड़िता की शिकायत को संवेदनशील तरीके से नहीं संभाला, न ही स्थिति को सही वक्त पर संभाला। इसी वजह से इतना बड़ा बवाल हुआ।

योगी सरकार द्वारा इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं। गौरतलब है कि बीएचयू में कथित छेड़खानी के विरोध में कुलपति आवास के पास पहुंचे छात्र और छात्राओं पर विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कुछ छात्र घायल हो गए थे। इसका देश भर में भारी विरोध हुआ था।

BREAKING: बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी में छात्राओं पर लाठी चार्ज, वाईस चांसलर पर आरोप, लडकियां कर रही थी कैंपस में एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ का विरोध। रिपोर्ट्स के अनुसार जब छात्रा ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से अपने साथ हुए छेड़छाड़ की शिकायत की तो उन्होंने ने उलटा लड़की को ही बुरा भला कहना शुरू कर दिया।

Posted by जनता का रिपोर्टर on Saturday, September 23, 2017

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