NDTV का सुब्रमनियन स्वामी को करारा जवाब, भाजपा सांसद के आरोपों को झूठ का पुलंदा बताया

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बीजेपी नेता सुब्रमनियन स्वामी ने प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर लोकप्रिय चैनल NDTV के खिलाफ कई आरोप लगाएं हैं। स्वामी की चिट्ठी में मांग की गयी है कि चैनल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप आरोपों की जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय से होनी चाहिए।

स्वामी ने अपने लेटर की कॉपी को रिट्वीट किया है। तीन पेज के इस लेटर में स्वामी ने मांग की है की सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय NDTV न्यूज़ चैनल की विशेष जांच करें। उन्होंने ये भी कहा कि चैनल के शेयर होल्डरस की भी जांच की जाए.

गुरुवार को NDTV ने एक प्रेस रिलीज जारी कर स्‍वामी के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। चैनल ने स्वामी के आरोपों को सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का हथकंडा बताते हुए तमाम आरोपों को सफ़ेद झूठ बताया।

NDTV का यह भी कहना है कि प्रधानमंत्री द्वारा फटकरे जाने के बाद स्‍वामी को ‘पब्लिसिटी की ऑक्‍सीजन’ नहीं मिल पा रही, इसलिए वह झूठ फैला रहे हैं। समूह ने स्‍वामी की तुलना हिटलर के सहयोगी और प्रॉपेगेंडा में माहिर हेर गॉबेल्‍स से की है। समूह का कहना है कि ‘स्‍वामी को लगता है कि अगर वह बार-बार झूठ दोहराएंगे तो वह सच हो जाएगा। यह शर्मनाक है कि राज्‍य सभा का नामित सदस्‍य सत्‍य की ऐसी कठोर उपेक्षा करता है।’ स्‍वामी ने एनडीटीवी पर ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ का आरोप लगाया था। जिसके जवाब में समूह ने कहा है कि यह ‘बकवास’ है। एनडीटीवी ने स्‍वामी के 7 झूठ का पर्दाफाश करने का दावा किया है।

एनडीटीवी के अनुसार, स्‍वामी ने समूह पर ‘मनी लॉन्ड्रिंग का जो आरोप लगाया था, वह ‘झूठ’ है। समूह के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय ने भी उसपर कभी ऐसा कोई आरोप नहीं लगाया। समूह ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उस पर 2030 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाए जाने के दावे को भी खारिज किया है। एनडीटीवी का कहना है कि जिन लोगों को NDTV Networks Plc का निदेशक बताया गया है, वह निदेशक नहीं थे। एनडीटीवी के मुताबिक, Fuse Media उसकी कंपनी नहीं है। उसके पास कभी इस कंपनी का स्‍वामित्‍व नहीं रहा। समूह के मुताबिक, यह कंपनी एक प्राइवेट इक्विटी इवनेस्टर की है, जो अभी NDTV Networks व अन्‍य भारतीय मीडिया कंपनियों के निवेशकर्ता हैं।

एनडीटीवी का ये भी कहना है टैक्‍स डिपार्टमेंट ने NDTV Lifestyle ने Astro के इनवेस्‍टमेंट की जांच के बाद इसे ‘क्‍लीन ऑर्डर’ पास किया। स्‍वामी के इस आरोप पर कि एनडीटीवी का निवेश फर्जी है, पर समूह का कहना है कि सारा निवेश विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड के इजाजत लेने के बाद ही किया गया है। आखिरी तर्क में एनडीटीवी ने कहा है कि 2जी अदालत ने उसके पक्ष में फैसला दिया है। समूह ने कहा कि कोर्ट ने सारे आरोप खारिज कर दिया और याचिका दायर करने वाले शख्‍स पर जुर्माना भी लगाया।

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