दिल्ली यूनिवर्सिटी में दलित महिला टीचर से भेदभाव का आरोप, NCSC ने भेजा नोटिस; 15 दिन के भीतर मांगा जवाब

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दिल्ली यूनिवर्सिटी के दौलत राम कॉलेज में मनोविज्ञान के एक तदर्थ महिला टीचर ने आरोप लगाया है कि उसे दलित होने के लिए भेदभाव का सामना करना पड़ा और उसे इस सेमेस्टर को पढ़ाने के लिए ज्वाइनिंग लेटर नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रिंसिपल ने उनकी सक्रियता, सरकार के खिलाफ राजनीतिक दल और सोशल मीडिया पोस्ट के खिलाफ उनके रुख के खिलाफ मुद्दों को उठाया।

दिल्ली यूनिवर्सिटी

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, दौलतराम कॉलेज की प्रिंसिपल पर एससी टीचर ऋतु सिंह के साथ भेदभाव का आरोप है। शिक्षिका रितु सिंह द्वारा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) को एक शिकायत भी भेजी गई थी। जिसके बाद 28 अगस्त को दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति को एक पत्र भेजकर उनसे 15 दिनों के भीतर आरोपों का जवाब देने के लिए कहा गया।

दरअसल, इस मामले को पूर्व सांसद और ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता उदित राज ने भी उठाया है। उन्होंने ट्वीट कर कॉलेज की प्रिंसिपल पर आरोप लगाया है कि वो दलित टीचर को क्लास नहीं लेने दे रही हैं।

हालांकि, प्रिंसिपल सविता रॉय ने दावा किया कि कॉलेज द्वारा छात्रों को उनके शिक्षण के बारे में कई शिकायतें मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि, “इस मामले को लेकर एक लिखित शिकायत भी प्राप्त हुई थी, जिसके बाद मैंने मनोविज्ञान विभाग से समय-समय पर समीक्षा करने के लिए कहा।”

रितु सिंह ने एक साल पहले दौलत राम से पढ़ाना शुरू किया था। उन्होंने दावा किया कि वह दर्जनों छात्रों के संपर्क में थी और वे उसके शिक्षण की सराहना करते थे।

वहीं, एक दूसरा मामला दयाल सिंह इवनिंग कॉलेज का है। इसे लेकर भी राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने वीसी से रिपोर्ट मांगते हुए लिए गए एक्शन की जानकारी देने को कहा है। इसमें इंग्लिश डिपार्टमेंट में एक एससी और एसटी कैंडिडेट को असिस्टेंट प्रोफेसर-एडहॉक पर जॉइनिंग ना देने का आरोप है।

हालांकि, दयाल सिंह कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ पवन कुमार शर्मा ने कहा कि उन्हें शिकायत के बारे में पता चला है, लेकिन इसके बारे में डीयू से कोई संवाद नहीं मिला है। शर्मा का कहना है कि, यह मामला गवर्निंग बॉडी के अधीन है। आयोग ने अपने 28 अगस्त के इस लेटर में कहा है कि तय समय पर जवाब ना देने पर वो एक्शन लेगी।

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