उत्तर प्रदेश: योगी सरकार में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की गिरफ्तारी और संपत्त‍ि कुर्क करने का आदेश, जानें क्या है पूरा मामला

0

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की मुसीबतें बढ़ती हुई दिख रही है। सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने के एक पूराने मामले में कुशीनगर की एक स्थानीय अदालत द्वारा कैबिनेट मंत्री के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है। साथ ही उनकी संपत्ति भी कुर्क करने आदेश जारी हुआ है।

Photo: Wikipedia

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कसया चंद्रमोहन चतुर्वेदी ने 24 वर्ष पुराने एक मामले में अनुपस्थित चल रहे प्रदेश के कृषि मंत्री के खिलाफ मंगलवार (16 जनवरी) को गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया है। साथ ही अदालत ने उनकी संपत्ति को भी कुर्क करने का आदेश दिया है। आदेश तामिला के लिए न्यायालय ने थानाध्यक्ष कसया को नोटिस भी जारी किया है।

2007 से चल रहे एक मामले में एक भी बार पेश न होने पर शाही के खिलाफ अदालत ने यह कार्रवाई की। एसीजेएम ने कसया थानाध्‍यक्ष को संपत्ति कुर्क कराने और शाही को 19 फरवरी, 2018 को न्‍यायालय के समक्ष हाजिर करने का आदेश दिया है। यह मामला 1994 में सरकारी संग्रह अमीन चंद्रिका सिंह की तरफ से शाही के खिलाफ दर्ज कराया गया था।

क्या है मामला?

नवभारत टाइम्स के मुताबिक कैबिनेट मंत्री शाही के खिलाफ अपराध संख्या 271-94 में धारा 353, 506 आईपीसी के तहत कसया थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। संग्रह अमीन चंद्रिका सिंह ने शाही पर आरोप लगाया था कि वह सरकारी कार्य में बाधा पहुंचा रहे हैं।

वर्ष 1994 में दर्ज मुकदमे का परीक्षण वर्ष 2004 में मुकदमा नंबर 1970 से शुरू हुआ, तो शाही ने न्यायालय में हाजिर होकर जमानत कराई। आगे चलकर 14 मई 2007 को पत्रावली में गैर हाजिर हो गए और आज तक उपस्थित नहीं हुए। बीच में कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वॉरंट भी जारी किया। बावजूद इसके शाही न्यायालय में हाजिर नहीं हुए।

मंगलवार (16 जनवरी) को पत्रावली की सुनवाई के दौरान न्यायधीश चतुर्वेदी ने मामले को गंभीरता से लिया। मामले की सुनवाई करते हुए एसीजेएम ने कहा कि मंत्री का गैर-हाजिर रहना गंभीर अपराध है और इसके बाद उन्होंने शाही के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया।

एसीजेएम ने कुशीनगर पुलिस को उनकी संपत्ति कुर्क करने का भी आदेश सुनाया। इस आदेश की तामील के लिए कसया एसएचओ को नोटिस देकर उन्‍हें इस संबंध में अदालत को सूचना देने को कहा गया है। न्यायालय ने एसओ को जारी नोटिस में 19 फरवरी 2018 को कार्रवाई विवरण के साथ उपस्थित होने का आदेश दिया है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here