TRP फर्जीवाड़ा मामला: NBA ने सरकार से CBI जांच वापस लेने का अनुरोध किया, रिपब्लिक टीवी को लगाई फटकार

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न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) ने सरकार से ‘टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट्स’ (टीआरपी) में किए गए कथित फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच फौरन वापस लेने का शनिवार को अनुरोध किया। एनबीए ने कहा कि जांच जिस गति से रातोंरात सीबीआई को हस्तांतरित कर दी गई, उससे इसके पीछे के इरादे पर संदेह पैदा होता है।

एनबीए
फाइल फोटो: सोशल मीडिया

न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) ने एक बयान में, कथित टीआरपी फर्जीवाड़ा को लेकर मीडिया के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी पर गंभीर चिंता प्रकट की है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एनबीए ने कहा, ‘‘जांच जिस गति से रातोंरात सीबीआई को हस्तांतरित कर दी गई, उससे इसके पीछे के इरादे पर संदेह पैदा होता है। एक ऐसे व्यक्ति ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई, जिसका कोई अधिकार नहीं बनता है और उसका यह कदम मीडिया, इसे विज्ञापन देने वालों और विज्ञापन एजेंसियों को चुनिंदा तरीके से निशाना बना सकता है।’’

रजत शर्मा की अध्यक्षता वाले एनबीए ने कहा, ‘‘हम सरकार से पूरी गंभीरता से वह मामला वापस लेने का अनुरोध करते हैं जो सीबीआई को भेजा गया है।’’ बता दें कि, एनबीए का यह बयान टीआरपी में कथित फर्जीवाड़ा को लेकर सीबीआई द्वारा एक प्राथमिकी दर्ज किए जाने के कुछ दिन बाद आया है।

अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला शुरूआत में एक विज्ञापन कंपनी के प्रवर्तक की शिकायत पर लखनऊ के एक पुलिस थाने में दर्ज किया गया था, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार ने सीबीआई को सौंप दिया। एनबीए ने एक बयान में यह भी कहा कि वह मुंबई में हुए घटनाक्रम से बहुत व्यथित है क्योंकि रिपब्लिक टीवी और मुंबई पुलिस के बीच हुई झड़प दो महान संस्थाओं, मीडिया और पुलिस की विश्वसनीयता एवं सम्मान को खतरा पैदा कर रही है।

एनबीए ने कहा, ‘‘रिपब्लिक टीवी जिस तरह की पत्रकारिता कर रहा है, उसकी हम मंजूरी नहीं देते हैं। हालांकि, रिपब्लिक टीवी एनबीए का सदस्य नहीं है और हमारी संहिता को लेकर आबद्ध नहीं है फिर भी हम उसके संपादकीय कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पर सख्त ऐतराज जताते हैं।’’

एसोसिएशन ने कहा, ‘‘साथ ही में पत्रकारिता में नैतिकता का समर्थन करते हैं और हम निष्पक्ष और संतुलित रिपोर्टिंग को खबर के केंद्र में रखते हैं।’’ एनबीए ने कहा कि यह न्यूजरूम में बैठे पत्रकारों को निशाना बनाने की किसी भी कोशिश की निंदा करता है लेकिन वहीं दूसरी ओर वह मीडिया द्वारा द्वेषपूर्ण रिपोर्टिंग किए जाने का भी समर्थन नहीं करता। न्यूज चैनलों के संगठन ने कहा, ‘‘हम बेबुनियाद खबरों की रिपोर्टिंग की निंदा करते हैं…।’’ मुंबई पुलिस से यह अपील की जाती है कि वह सुनिश्चित करे कि पत्रकार इस ‘क्रॉसफायर’ की चपेट में नहीं आएं।

एनबीए ने कहा, ‘‘हम रिपब्लिक टीवी के साथ काम कर रहे पत्रकारों से लक्ष्मण रेखा नहीं लांघने की अपील करते हैं, जैसा कि बंबई उच्च न्यायालय ने भी स्पष्ट रूप से टिप्पणी की थी। ’’ गौरतलब है कि, हाल ही में मुंबई पुलिस ने टीआरपी में कथित फर्जीवाड़े को लेकर एक मामला दर्ज किया था।

फर्जी TRP केस में मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस केस में फख्त मराठी चैनल और बॉक्स सिनेमा के मालिक पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। अब मामले में पांच चैनल सीधे तौर पर आरोपी हो गए हैं। मुंबई पुलिस ने बीते दिनों टीआरपी घोटाले का दावा किया था। मुंबई के पुलिस कमिश्‍नर परमबीर सिंह ने एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में इस फर्जीवाड़े की जानकारी दी थी। उन्‍होंने कहा था कि इसमें रिपब्लिक टीवी समेत कुछ चैनल्‍स शामिल हैं।

यह कथित फर्जी टीआरपी घोटाला तब सामने आया जब रेटिंग एजेंसी ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) ने हंसा रिसर्च ग्रुप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई कि कुछ चैनल विज्ञापनदाताओं को आकर्षित करने के लिए टीआरपी अंक के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं। आरोपी है कि दर्शक संबंधी आंकड़े के संग्रहण के लिए जिन परिवारों में मीटर लगाये गये थे और उनमें से कुछ को कुछ खास चैनल देखने के लिए रिश्वत दी जाती थी।

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